ईरान के सर्वोच्च नेता का पार्थिव शरीर इराक के नजफ लाया गया

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ईरान के सर्वोच्च नेता का पार्थिव शरीर इराक के नजफ लाया गया

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  • Publish Date - July 8, 2026 / 12:24 PM IST,
    Updated On - July 8, 2026 / 12:24 PM IST

नजफ (इराक), आठ जुलाई (एपी) अमेरिका और इजराइल के हमले में मारे गए ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का जनाजा बुधवार को इराक के नजफ शहर में हजारों शोकाकुल लोगों की मौजूदगी में उठाया गया।

ईरान में खामेनेई के कई दिन तक चलने वाले अंतिम संस्कार कार्यक्रम की शुरुआत शनिवार को हुई थी। इसके मद्देनजर प्राधिकारियों ने तेहरान में सड़कों, हवाई क्षेत्र और दैनिक गतिविधियों को बंद कर दिया था।

खामेनेई का पार्थिव शरीर बाद में नजफ से कर्बला ले जाया जाएगा और फिर ईरान वापस लाया जाएगा।

ऐसा प्रतीत होता है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम समझौते पर बातचीत खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक किए जाने तक रोक दी गई है। हालांकि, फारस की खाड़ी में मंगलवार और बुधवार को दोनों पक्षों की ओर से किए गए हमलों के कारण युद्ध को समाप्त करने के अंतरिम समझौते के टूटने का खतरा बढ़ गया है।

अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन पोतों पर हमले होने के बाद बुधवार तड़के ईरान पर ‘‘जवाबी हमले’’ किए और ईरान को वैश्विक बाजार में कच्चा तेल खुले तौर पर बेचने की अनुमति देने वाले लाइसेंस को भी रद्द कर दिया। ईरान ने अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद जबाव में बहरीन और कुवैत पर हमले किए। इससे पहले अमेरिका ने कहा था कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन पोतों पर हमला किया था।

खामेनेई का पार्थिव शरीर मंगलवार को इराक के उस शहर में लाया गया जिसे दुनिया भर के लाखों शिया मुसलमानों के लिए सबसे पवित्र शहरों में से एक माना जाता है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी नजफ पहुंचे। इस दौरान कुछ लोग दिवंगत सर्वोच्च नेता की तस्वीरें लिए हुए थे जबकि अन्य लोग सड़कों पर मातम करते नजर आए।

खामेनेई का पार्थिव शरीर एक ताबूत में रखा गया जिस पर ईरान का झंडा लिपटा था और इसे कांच से ढका गया। शोकाकुल लोगों ने ईरान के झंडे के साथ-साथ शोक और बदले के प्रतीक लाल एवं काले झंडे भी लहराए।

अंतिम संस्कार में शामिल जाफर जवाद ने कहा, ‘‘हम इराक के लोग दुश्मनों की आंखों की किरकिरी बने रहेंगे। उनका (खामेनेई के पार्थिव शरीर का) हमारे बीच लाया जाना हमारे लिए सबसे बड़ा सम्मान है। इंशा अल्लाह, हम उनके वफादार रहेंगे।’’

नजफ में जनाजे की नमाज इमाम अली की दरगाह पर अदा की जाएगी। नजफ के धार्मिक शिक्षण संस्थान के वरिष्ठ विद्वान मोहम्मद तकी अल-हकीम यह नमाज अदा कराएंगे।

शिया मुसलमानों के लिए एक और पवित्र शहर कर्बला में इराक के शीर्ष शिया धार्मिक प्राधिकार के प्रतिनिधि अब्दुल महदी अल-कर्बलाई, इमाम हुसैन की दरगाह पर नमाज अदा कराएंगे।

एपी सिम्मी मनीषा

मनीषा