बर्ड फ्लू का खतरा सिर्फ पक्षियों तक सीमित नहीं, आपके पालतू जानवर भी हो सकते हैं शिकार

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बर्ड फ्लू का खतरा सिर्फ पक्षियों तक सीमित नहीं, आपके पालतू जानवर भी हो सकते हैं शिकार

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  • Publish Date - September 14, 2026 / 05:50 PM IST,
    Updated On - September 14, 2026 / 05:50 PM IST

( सैली कॉगिन्स, सिडनी विश्वविद्यालय )

सिडनी, 14 सितंबर (द कन्वरसेशन) घर में आराम से सो रही आपकी बिल्ली या आपके साथ खेलता कुत्ता—क्या उसे भी बर्ड फ्लू हो सकता है? जवाब है, हां। हालांकि ऑस्ट्रेलिया में अभी पालतू जानवरों में एच5 बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है और ज्यादातर बिल्लियों तथा कुत्तों के लिए संक्रमण का जोखिम बेहद कम है, लेकिन दूसरे देशों में सामने आए मामलों ने विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।

बिल्लियों के मामले में खतरा खास तौर पर गंभीर हो सकता है। विदेशों में कुछ संक्रमित बिल्लियों की हालत इतनी तेजी से बिगड़ी कि कुछ ही दिनों में उनकी मौत हो गई। कुत्ते भी संक्रमित हो सकते हैं, हालांकि उनमें गंभीर बीमारी के मामले अपेक्षाकृत कम देखे गए हैं।

बिल्लियों में संक्रामक रोगों का अध्ययन करने वाली पशु चिकित्सक सैली कॉगिन्स के अनुसार, ऐसे समय में पालतू जानवरों के मालिकों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि वायरस उनके घर तक किस तरह पहुंच सकता है और उससे बचाव कैसे किया जाए।

ऑस्ट्रेलिया में करीब 77 लाख घरों में पालतू जानवर हैं। इसलिए सवाल केवल यह नहीं है कि बर्ड फ्लू पक्षियों में कितना फैल रहा है, बल्कि यह भी है कि कहीं आपका पालतू जानवर अनजाने में इस वायरस के संपर्क में तो नहीं आ रहा।

एच5 बर्ड फ्लू आपके पालतू जानवर तक कई रास्तों से पहुंच सकता है। संक्रमित जंगली पक्षी या अन्य जीव के सीधे संपर्क में आने से संक्रमण हो सकता है। किसी संक्रमित जगह पर जाने से भी खतरा रहता है। इसके अलावा संक्रमित पशु उत्पाद खाने या पीने से वायरस पालतू जानवर तक पहुंच सकता है।

वायरस आपके जूते, कपड़ों या उपकरणों के जरिए भी घर में दाखिल हो सकता है।

पोलैंड, दक्षिण कोरिया और बेल्जियम में सामने आए मामलों ने दिखाया है कि बिल्लियों के लिए यह संक्रमण कितना गंभीर हो सकता है।

शुरुआत में बर्ड फ्लू और किसी सामान्य बीमारी के लक्षणों में अंतर करना मुश्किल हो सकता है। संक्रमित पालतू जानवर सुस्त पड़ सकता है, उसे बुखार हो सकता है और वह खाना छोड़ सकता है। खांसी, सांस लेने में परेशानी तथा आंख या नाक से स्राव भी चेतावनी के संकेत हो सकते हैं।

लेकिन बिल्लियों में मामला इससे कहीं ज्यादा गंभीर हो सकता है। उनमें कंपकंपी, दौरे और अचानक दिखाई देना बंद होना जैसे तंत्रिका संबंधी लक्षण भी सामने आ सकते हैं।

यदि आपके पालतू जानवर में ऐसे लक्षण दिखते हैं और हाल में वह किसी जंगली पक्षी, जंगली जीव या कच्चे पशु उत्पाद के संपर्क में आया है, तो सीधे पशु चिकित्सालय पहुंचने के बजाय पहले फोन करना बेहतर है। इससे चिकित्सक संक्रमण के संभावित खतरे को देखते हुए जांच और इलाज की सुरक्षित व्यवस्था कर सकेंगे।

फिलहाल पालतू जानवरों के लिए एच5 बर्ड फ्लू का कोई टीका उपलब्ध नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि मौजूदा फ्लू रोधी दवाएं बिल्लियों और कुत्तों में कितनी सुरक्षित और प्रभावी हैं। इसलिए विशेषज्ञों के पास फिलहाल सबसे कारगर उपाय संक्रमण से बचाव ही है।

1 – जंगली जीवों से दूरी रखें : कुत्तों को बाहर पट्टे से बांधकर रखें और संभव हो तो बिल्लियों को घर के अंदर रखें। इससे वे संक्रमित पक्षियों का शिकार करने या उन्हें खाने से बचेंगे।

2 – बीट और मृत पक्षियों से दूर रखें : वायरस पक्षियों की बीट, पंखों, शवों और दूषित पानी में मौजूद हो सकता है। भोजन और पानी के कटोरे बाहर न छोड़ें तथा बाहर बने बिल्ली के बाड़ों को ढककर रखें।

3 – कच्चा खाना सोच-समझकर दें : विदेशों में बिल्लियों के कई मामले कच्चे मांस, बिना पाश्चुरीकृत डेयरी उत्पादों और दूषित पालतू भोजन से जुड़े पाए गए। इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थों से बचना जरूरी है। केवल भोजन को फ्रीज करने से वायरस के नष्ट होने की गारंटी नहीं होती।

4 – वायरस को घर में न आने दें : यदि आपका काम पक्षियों, जंगली जीवों या मुर्गियों के संपर्क से जुड़ा है तो घर लौटने से पहले हाथ अच्छी तरह धोएं, उपकरणों को कीटाणुरहित करें और कपड़े तथा जूते बदलें।

विशेषज्ञों के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया में अधिकतर पालतू जानवरों के लिए फिलहाल एच5 बर्ड फ्लू का खतरा बेहद कम है। लेकिन कम जोखिम का मतलब शून्य जोखिम नहीं है।

इसलिए अगर कहीं कोई बीमार या मृत जंगली जीव दिखाई दे तो उसे छूने के बजाय उससे दूरी बनाएं और इसकी सूचना ‘इमरजेंसी एनिमल डिजीज हॉटलाइन’ पर दें।

बर्ड फ्लू से अपने पालतू जानवर को बचाने का सबसे आसान तरीका यही है कि उसे संक्रमित पक्षियों और दूषित चीजों से दूर रखें और वायरस को अपने जूतों के रास्ते घर तक पहुंचने का मौका न दें।

द कन्वरसेशन

मनीषा माधव

माधव