नयी दिल्ली, 14 सितंबर (भाषा) भारत और पांच दक्षिण अमेरिकी देशों के व्यापारिक समूह ‘मर्कोसुर’ ने सिर्फ कागजी दस्तावेजों के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक रूप में मूल स्रोत का प्रमाणपत्र स्वीकार करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। एक सरकारी बयान के अनुसार इस कदम का मकसद दोनों पक्षों के बीच कागज रहित व्यापार को सुगम बनाना है।
किसी व्यापार समझौते के तहत शुल्क रियायतें प्राप्त करने के लिए आयातक को मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के भागीदार देश से उत्पाद के मूल स्रोत का प्रमाण यानी ‘सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन’ प्रस्तुत करना होता है।
वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा, ‘‘भारत और मर्कोसुर ने इलेक्ट्रॉनिक मूल स्रोत प्रमाणपत्र की स्वीकृति को सुविधाजनक बनाने के लिए भारत-मर्कोसुर तरजीही व्यापार समझौते (पीटीए) के पहले अतिरिक्त प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए। यह कदम कागज रहित व्यापार को सुगम बनाने और सीमा शुल्क प्रक्रियाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।”
मर्कोसुर दक्षिण अमेरिका का एक व्यापारिक समूह है जिसमें ब्राजील, अर्जेंटीना, बोलीविया, उरुग्वे और पराग्वे शामिल हैं। भारत-मर्कोसुर पीटीए एक जून, 2009 को लागू हुआ था। इस समझौते के तहत भारत द्वारा 450 शुल्क श्रेणियों या उत्पाद श्रेणियों पर और मर्कोसुर द्वारा 452 शुल्क श्रेणियों पर तरजीही सीमा शुल्क रियायतें दी जाती हैं।
हस्ताक्षरित समझौते में यह प्रावधान है कि ”इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में जारी किए गए मूल स्रोत प्रमाणपत्र की कानूनी वैधता और मूल्य कागजी प्रारूप में जारी किए गए प्रमाणपत्रों की वैधता एकसमान होगी।”
इन इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणपत्रों को दोनों पक्षों के संबंधित घरेलू कानूनों के अनुसार जारी और इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षरित किया जाना आवश्यक होगा।
मंत्रालय ने कहा, ”इस कदम से डिजिटल और कागज रहित व्यापार दस्तावेजों की ओर बदलाव में तेजी आने, मूल स्रोत प्रमाणपत्र जारी करने तथा सत्यापन से जुड़ी लेनदेन लागत कम करने और मौजूदा भारत-मर्कोसुर पीटीए के तहत तरजीही व्यापार की दक्षता में सुधार होने की उम्मीद है।”
बयान में कहा गया कि यह प्रोटोकॉल भारत और मर्कोसुर के सदस्य देशों द्वारा अपनी-अपनी आंतरिक प्रक्रियाओं को पूरा करने और एक-दूसरे को इसकी औपचारिक सूचना देने के बाद लागू होगा।
इस समझौते पर वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल, भारत में उरुग्वे के राजदूत अल्बर्टो गुआनी और पराग्वे के राजदूत फ्लेमिंग राउल डुआर्टे रामोस ने हस्ताक्षर किए।
भाषा पाण्डेय अजय
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