इस साल लोकतंत्र की परीक्षा थी, लोग इसमें खरे उतरे : बाइडन

Ads

इस साल लोकतंत्र की परीक्षा थी, लोग इसमें खरे उतरे : बाइडन

  •  
  • Publish Date - November 26, 2020 / 05:40 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:36 PM IST

(ललित के. झा)

वाशिंगटन, 26 नवम्बर (भाषा) नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच अमेरिकी चुनाव लोकतंत्र की एक परीक्षा थी और रिकॉर्ड मतदान कर लोग इसमें खरे उतरे।

उन्होंने यह भी कहा कि देश की कोरोना वायरस से लड़ाई जारी है और साथ ही इसे मात देने के लिए अपने प्रयास दोगुने करने का आह्वान किया।

डेलावेयर के विलमिंगटन में अपने ‘थैंक्सगिविंग’ संबोधन में बाइडन ने कहा, ‘‘ हमें लोकतंत्र का आभारी होना चाहिए। इस साल चुनाव में, हमने देखा कि रिकॉर्ड संख्या में अमेरिकियों ने अपने पवित्र अधिकार का इस्तेमाल किया…वह है मताधिकार… अपनी इच्छा को मतदान पेटी तक पहुंचाया। जरा सोचें कि वैश्विक महामारी के बीच, अमेरिका के इतिहास में सबसे अधिक लोगों ने वोट किया। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘ 15 करोड़ से अधिक लोगों ने वोट दिया। यह बेहद असाधारण है।’’

बाइडन ने कहा, ‘‘ अगर आपको जानना है कि अमेरका के दिल की गहराई में क्या धड़कता है तो यह ‘लोकतंत्र’ है। अपने जीवन, अपने अधिकार और अपने नेता को चुनने का अधिकार। सुनवाई का अधिकार। इस साल हमरे लोकतंत्र की परीक्षा हुई और हमने पाया कि इस देश के लोग इसमें खरे उतरे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ अमेरिका में, हमारे पास पूर्ण, निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव हैं और फिर हम परिणामों का सम्मान भी करते हैं। इस देश के लोग और इसके काननू किसी और चीज के लिए नहीं है। वोट के जरिए, हमें नए सिरे से यह याद दिलाया जाता है कि प्रगति संभव है।’’

नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ने देश से एकजुट होने का आह्वान भी किया।

उन्होंने कहा, ‘‘ आप चाहते हैं कि डेमोक्रेट्स, रिपब्लिकन्स और निर्दलीय सभी एक साथ आएं और एक साथ काम करें। मेरे दोस्तों ! मैं भी यही करना चाहता हूं। इस ‘थैंक्सगिविंग’ पर यह बहुत कठिन लग रहा होगा, लेकिन हम एक बार फिर बड़ा सपना देखेंगे।’’

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग पर बाइडन ने कहा कि इस देश में अमेरिकी करीब एक साल से वायरस से लड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ इससे हमें दर्द मिला, हमें काफी नुकसान हुआ और हममें काफी कुंठा पैदा हुई है और करीब 2,60,000 अमेरिकियों की मौत हुई है और यह आंकड़ा अब भी बढ़ता जा रहा है। इसने हमें विभाजित कर दिया, हमें गुस्सा दिलाया और हमें एक दूसरे के खिलाफ खड़ा कर दिया। मुझे पता है कि देश इन सब से थक चुका है।’’

बाइडन ने कहा, ‘‘ लेकिन हमें याद रखना होगा कि हम वायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं, एक-दूसरे के खिलाफ नहीं। यह वही क्षण है, जहां हमें अपने प्रयास दोगुने करने होंगे…. याद रखें हम इसके खिलाफ एकसाथ हैं।’’

भाषा निहारिका नरेश

नरेश