ट्रंप ने अमेरिकी मतदान प्रक्रिया को बदलने की कोशिश के तहत निर्वाचन आयोग के सदस्यों को हटाया
ट्रंप ने अमेरिकी मतदान प्रक्रिया को बदलने की कोशिश के तहत निर्वाचन आयोग के सदस्यों को हटाया
वाशिंगटन, 10 जुलाई (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक संघीय निर्वाचन आयोग के उन सदस्यों को हटा दिया है, जिन्होंने वोट देने के इच्छुक लोगों के लिए पंजीकरण से पहले अपनी अमेरिकी नागरिकता के दस्तावेज दिखाने को अनिवार्य बनाने की कोशिशों का विरोध किया था।
व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को ‘निर्वाचन सहायता आयोग’ के सदस्यों के खिलाफ शासकीय कार्रवाई की पुष्टि की। यह आयोग राज्यों को संघीय अनुदान देता है, मतदान प्रणाली की जांच की निगरानी करता है और राष्ट्रीय मतदाता पंजीकरण फॉर्म का रखरखाव करता है।
यह कदम रिपब्लिकन पार्टी से ताल्लुक रखने वाले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस कोशिश का हिस्सा है, जिसके जरिए वह अमेरिका की चुनावी प्रक्रिया पर व्हाइट हाउस का प्रभाव बढ़ाना चाहते हैं।
उन्होंने यह कदम अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के हालिया फैसले के बाद उठाया है, जिसमें राष्ट्रपति को स्वतंत्र एजेंसियों के बोर्ड के सदस्यों को हटाने का नया अधिकार दिया गया था।
व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा, ‘‘राष्ट्रपति के तौर पर, उनके पास ऐसे लोगों को हटाने का अधिकार है जो अमेरिका के चुनावों की शुचिता बनाये रखने और हर वैध मत की गिनती सुनिश्चित करने के महत्वपूर्ण कार्य से पूरी तरह सहमत नहीं हो सकते।’’
राष्ट्रपति ने आयोग के दो डेमोक्रेट सदस्यों, थॉमस हिक्स और बेंजामिन होवलैंड को हटा दिया। आयोग की रिपब्लिकन सदस्य क्रिस्टी मैककॉर्मिक ने इस्तीफा दे दिया। पूर्व रिपब्लिकन आयुक्त डोनाल्ड पामर पहले ही इस साल अपनी मर्जी से अपना पद छोड़ चुके हैं।
इसबीच, राष्ट्रपति ने शुक्रवार को आवासन से जुड़े एक महत्वपूर्ण विधेयक पर हस्ताक्षर नहीं करने का फैसला किया। उन्होंने ऐसा इसलिए किया कि कांग्रेस (संसद) ने मतदाता पहचान पत्र से जुड़े एक महत्वपूर्ण विधेयक को मंज़ूरी नहीं दी, जिसे पारित कराने के लिए जरूरी समर्थन नहीं मिल पाया था।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, ‘‘मैं आवासन विधेयक पर हस्ताक्षर नहीं करूंगा…मैं ऐसा इसलिए कर रहा हूं क्योंकि अमेरिकी सीनेट ‘सेव अमेरिका एक्ट’ (अमेरिका बचाओ अधिनियम) को पारित करने में नाकाम रही है।’’
एपी सुभाष माधव
माधव

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