(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, 23 मार्च (भाषा) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की सख्त आव्रजन नीति का सबसे ज्यादा असर भारत और चीन पर पड़ा है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के पहले आठ महीनों में 2024 की समान अवधि की तुलना में लगभग 2.5 लाख कम वीजा जारी किए गए।
मार्च की शुरुआत में जारी अमेरिकी विदेश विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से अगस्त 2025 के बीच स्थायी निवास और अस्थायी वीजा में 11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
ये वीजा आमतौर पर छात्रों, कामगारों और नागरिकों या वैध निवासियों के परिजनों को दिए जाते हैं।
‘द वाशिंगटन पोस्ट’ की रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, इस 11 प्रतिशत गिरावट में पर्यटक वीज़ा शामिल नहीं हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि पर्यटन वीजा की संख्या भी इसी अवधि में कम हुई।
रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी और भारतीय नागरिकों को जारी वीज़ा में करीब 84,000 की कमी आई, जिसका मुख्य कारण इन देशों से आने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों और कामगारों की संख्या में गिरावट है।
व्यापार और पर्यटन वीज़ा में भी लगभग 3.4 प्रतिशत की गिरावट आई, जो करीब दो लाख वीज़ा के बराबर है।
जनवरी से अगस्त 2024 के बीच अमेरिका ने 3.44 लाख से अधिक छात्र वीज़ा जारी किए थे, जबकि 2025 की समान अवधि में यह संख्या घटकर लगभग 2.38 लाख रह गई।
परिवार वरीयता वीजा में 27 प्रतिशत से अधिक या करीब 44,000 की गिरावट दर्ज की गयी, जिसमें अमेरिकी नागरिकों के वयस्क बच्चे और भाई-बहन शामिल होते हैं।
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एबिगेल जैक्सन ने एक बयान में कहा, ‘‘राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी नागरिकों को प्राथमिकता देने के जनादेश के साथ चुना गया है और उनकी हर नीति इसी प्राथमिकता को दर्शाती है।”
वहीं, विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा, ‘‘वीज़ा एक सुविधा है, अधिकार नहीं। जो बाइडन प्रशासन के विपरीत राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा से समझौता कर बिना जांचे-परखे विदेशी नागरिकों के बड़े पैमाने पर प्रवेश की अनुमति देने के लिए तैयार नहीं हैं।’’
भाषा गोला सुरेश
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