टीटीपी को आतंकवादी संगठन घोषित किया जाए: पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से कहा

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टीटीपी को आतंकवादी संगठन घोषित किया जाए: पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से कहा

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  • Publish Date - April 6, 2026 / 04:04 PM IST,
    Updated On - April 6, 2026 / 04:04 PM IST

(एम जुल्करनैन)

लाहौर, छह अप्रैल (भाषा) पाकिस्तान ने मांग की है कि अफगानिस्तान, तहरीके तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को औपचारिक रूप से आतंकवादी संगठन घोषित करे और दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को सुलझाने की शर्त के तौर पर उसके बुनियादी ढांचे को खत्म करे। स्थानीय मीडिया में सोमवार को यह खबर प्रकाशित हुई।

‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ अखबार ने बताया कि इस्लामाबाद ने पिछले हफ्ते चीन के शहर उरुमकी में पाकिस्तान और अफगान तालिबान के प्रतिनिधियों के बीच हुई एक बैठक के दौरान तीन मुख्य मांगें रखीं।

चीन की मध्यस्थता में हुई ये बातचीत, फरवरी के आखिर में पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में आतंकवादी ‘ठिकानों’ को निशाना बनाने के लिए ‘ऑपरेशन गजब लिल-हक’ शुरू करने के बाद से दोनों पड़ोसी देशों के बीच पहली बड़ी कूटनीतिक बातचीत है।

सूत्रों के हवाले से खबर में कहा गया है, ‘‘इस्लामाबाद द्वारा रखी गई तीन मांगों में काबुल द्वारा तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को औपचारिक रूप से एक आतंकवादी संगठन घोषित करना, उसके बुनियादी ढांचे को खत्म करना और इस कार्रवाई का पुख्ता सबूत देना शामिल है।’’

सूत्रों ने बताया कि ये मांगें पाकिस्तान की बातचीत की स्थिति का आधार हैं, जो लगातार सुरक्षा चिंताओं के चलते और सख्त हो गई हैं।

खबर के अनुसार, एक ऐसे ढांचे पर चर्चा चल रही है जो दोनों पक्षों के बीच संभावित सहमति का रास्ता खोल सकता है। इसमें ‘‘संघर्ष विराम की व्यवस्था, अफगान तालिबान से आतंकवाद विरोधी आश्वासन, अफगानिस्तान के अंदर आतंकवादी पनाहगाहों को खत्म करना और सुरक्षित व्यापार मार्गों को सुगम बनाने के उपाय’’ शामिल हैं।

इसमें इस्लामाबाद और काबुल के बीच एक अधिक व्यवस्थित और संस्थागत बातचीत तंत्र स्थापित करने की भी परिकल्पना की गई है, क्योंकि दोनों पक्षों ने उरुमकी में तकनीकी स्तर के प्रतिनिधिमंडल भेजे जो चर्चाओं की व्यावहारिक प्रकृति को दर्शाता है।

हाल के महीनों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष तब और बढ़ गया जब इस्लामाबाद ने काबुल पर टीटीपी और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगाया।

अफगानिस्तान ने इन समूहों के पाकिस्तान में सक्रिय होने का दावा करते हुए लगातार इन आरोपों से इनकार किया है और पड़ोसी देश से कार्रवाई करने को कहा।

अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने रविवार को स्वीकार किया कि बातचीत अभी जारी है और तालिबान शासन पाकिस्तान के साथ मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाना चाहता है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि बातचीत में इस्लामाबाद की भागीदारी को नीति में बदलाव के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, खासकर सुरक्षा अभियानों के संबंध में।

एक सरकारी अधिकारी का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगान तालिबान ने पाकिस्तान को बातचीत में शामिल करने में मदद के लिए चीन से संपर्क किया था, और बीजिंग ने इस विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि उरुमकी में अब तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है, लेकिन दोनों पक्ष कम से कम बातचीत तो कर रहे हैं जो कि महत्वपूर्ण है और इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।’’

भाषा वैभव नरेश

नरेश