दो सप्ताह की पृथक-वास अवधि को वैज्ञानिक रूप से उचित होने पर ही कम किया जाए: क्लुगे

दो सप्ताह की पृथक-वास अवधि को वैज्ञानिक रूप से उचित होने पर ही कम किया जाए: क्लुगे

दो सप्ताह की पृथक-वास अवधि को वैज्ञानिक रूप से उचित होने पर ही कम किया जाए: क्लुगे
Modified Date: November 29, 2022 / 07:52 pm IST
Published Date: September 17, 2020 2:39 pm IST

जिनेवा, 17 सितंबर (एपी) विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के यूरोपीय मामलों के निदेशक डॉक्टर हंस क्लुगे ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोविड-19 महामारी के परिप्रेक्ष्य में दो सप्ताह की मानक पृथक-वास अवधि को वैज्ञानिक रूप से उचित होने पर ही कम किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘यहां तक कि पृथक-वास की अवधि में थोड़ी सी भी कमी का कोरोना वायरस के प्रसार पर महत्वपूर्ण असर पड़ सकता है’’ जो इस महीने यूरोप में फिर से खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।

क्लुगे ने जोर देकर कहा कि देशों को दो सप्ताह की मानक पृथक-वास अवधि को वैज्ञानिक रूप से उचित होने पर ही कम करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि जरूरी है तो मुद्दे पर वैज्ञानिक चर्चा की जानी चाहिए।

क्लुगे ने कहा कि डब्ल्यूएचओ यूरोप के तहत आने वाले 53 देशों में पिछले सप्ताह कोविड-19 के तीन लाख नए मामले सामने आए हैं और इनमें आधे से अधिक देशों में पिछले दो सप्ताह में संक्रमण के मामलों में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। इनमें से सात देशों में महामारी के मामलों में दुगुनी से अधिक वृद्धि हुई है।

एपी नेत्रपाल पवनेश

पवनेश


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