संयुक्त राष्ट्र, 18 जून (एपी) संयुक्त राष्ट्र ने अफगानिस्तान के लिए एक नए उप विशेष प्रतिनिधि की घोषणा की है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वैश्विक संस्था कितनी जल्दी वहां अपने शीर्ष अधिकारी को बदल सकती है।
संयुक्त राष्ट्र के उप-प्रवक्ता फरहान हक ने शुक्रवार को कहा कि फिलहाल नवनियुक्त उप प्रतिनिधि के तौर पर, जर्मन राजनयिक मार्कस पोत्जेल अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के राजनीतिक मिशन के प्रभारी होंगे।
यह घोषणा अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र की मुख्य प्रतिनिधि डेबोरा लियोन्स का कार्यकाल समाप्त होने के एक दिन बाद हुई है। उन्होंने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा था, ‘‘मैंने कल्पना नहीं की थी, मैं आज अफगानिस्तान को इस हालात में छोड़ रही हूं। तालिबान के आदेशों के कारण स्कूल और काम से अफगान लड़कियों और महिलाओं को दूर रखने से मेरा दिल टूट गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरी अफगान बहनें आज जिस हालत में हैं, एक महिला के तौर पर उन्हें उस हाल में छोड़ना कहीं ज्यादा दर्दनाक है।’’
हक ने 2020 में पदभार ग्रहण करने वाली लियोन्स के उत्तराधिकारी को लेकर कोई समयसीमा बताने से इनकार कर दिया। पोत्जेल ने 2014 से 2016 तक अफगानिस्तान में जर्मनी के राजदूत और 2017 से पिछले वर्ष तक अफगानिस्तान और पाकिस्तान के लिए अपने देश के विशेष प्रतिनिधि के रूप में कार्य किया। वह कई भाषाओं के जानकार हैं, जिसमें अफगानिस्तान की आधिकारिक भाषाओं में से एक दारी भी शामिल है।
अफगानिस्तान की सत्ता पर नियंत्रण के बाद से तालिबान ने जल्द ही सख्त कदमों को लागू करना शुरू कर दिया था, जिसमें महिलाओं को सार्वजनिक रूप से अपनी आंखों को छोड़कर अपने चेहरे को पूरा ढंकने और छठी कक्षा के बाद लड़कियों के स्कूल जाने पर प्रतिबंध लगाने जैसे कदम शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बीच, अफगान अर्थव्यवस्था चरमरा गई है और लाखों लोग गरीबी में जी रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र और अन्य सहायता एजेंसियां इस साल अफगानिस्तान में मानवीय सहायता के लिए आवश्यक 4.4 बिलियन अमेरीकी डॉलर जुटाने के लिए संघर्ष कर रही हैं।
इस बीच, नागरिकों पर बमबारी और अन्य हमले जारी हैं। तालिबान के कट्टर प्रतिद्वंद्वी इस्लामिक स्टेट (आईएस) समूह के अफगानिस्तान में सहयोगी संगठन ने अधिकांश हमलों की जिम्मेदारी ली है।
एपी सुरभि सुरेश
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