पवार का शिंदे के कार्यालय में जाना महज संयोग, राजनीतिक मुलाकातों में साजिश का कोण न निकालें: सुले

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पवार का शिंदे के कार्यालय में जाना महज संयोग, राजनीतिक मुलाकातों में साजिश का कोण न निकालें: सुले

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  • Publish Date - July 15, 2026 / 04:55 PM IST,
    Updated On - July 15, 2026 / 04:55 PM IST

मुंबई, 15 जुलाई (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की बारामती से लोकसभा सदस्य सुप्रिया सुले ने पार्टी प्रमुख शरद पवार द्वारा पिछले हफ्ते महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के दफ्तर में अपने विधायकों के साथ की गई बैठक को लेकर लगाई जा रही अकटलों को बुधवार को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह घटना ‘महज एक संयोग’ थी।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक बैठकों को शक की नजर से नहीं देखा जाना चाहिए और लोगों से अपील की कि वे यह सोचना बंद करें कि राजनीतिक नेताओं के बीच होने वाली हर बैठक किसी साजिश का हिस्सा होती है।

पवार ने गत बुधवार (आठ जुलाई को) को मुंबई में विधान भवन परिसर में शिंदे के कार्यालय में अपनी पार्टी के विधायकों से मुलाकात की थी।

वरिष्ठ नेता पवार लंबे समय से लंबित महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद को लेकर राज्य सरकार द्वारा गठित उच्च अधिकार समिति के सदस्य के तौर पर एक बैठक में शामिल होने के लिए विधानसभा परिसर गए थे। राकांपा(शप) अध्यक्ष ने बैठक के बाद शिंदे से उनके चैंबर में जाकर मुलाकात की।

राकांपा(शप)विपक्षी गठबंधन ‘महा विकास अघाडी’ (एमवीए) का हिस्सा है।

इस बैठक से राजनीतिक अटकलें शुरू हो गईं और राकांपा (शप) की सहयोगी शिवसेना (उबाठा)ने भी इसकी आलोचना करते हुए इसे गद्दारों को महिमामंडित करने वाला कदम बताया। उद्धव ठाकरे नीत पार्टी ने यह टिप्पणी शिंदे और उनकी पार्टी के नेताओं पर निशाना साधते हुए की थी।

सुले ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि उन्होंने पवार से आराम करने को कहा था, इसके बावजूद वह विधानसभा परिसर में गए। (राकांपा-शप के) कुछ विधायकों ने उनसे कुछ मिनट साथ बिताने का अनुरोध किया, जिसके बाद वह (शिंदे के) केबिन में चले गए।

उन्होंने कहा, ‘‘संसद और किसी भी विधानसभा में केवल प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के कार्यालय की जगह तय होती है। दूसरे नेताओं के दफ्तर बदलते रहते हैं। राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं होता।’’

राकांपा(शप) की कार्यकारी अध्यक्ष सुले ने बैठक के दौरान शिंदे के व्यवहार की तारीफ की और कहा कि उप मुख्यमंत्री, पवार का अभिवादन करने के लिए मंत्रिमंडल की बैठक छोड़कर कुछ देर के लिए बाहर आए थे।

उन्होंने कहा, ‘‘शिंदे साहेब मंत्रिमंडल की बैठक से बाहर आए, पवार साहब को गुलदस्ता भेंट किया और चले गए। यह उनके बड़े दिल का परिचय देता है। अच्छी बातों की सराहना की जानी चाहिए।’’

सुले ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से शिवसेना (उबाठा) सांसद संजय राउत से बात की, जिन्होंने इस घटना के बाद पवार की आलोचना की थी, और उन्हें पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।

बारामती की सांसद ने कहा कि राउत ने बाद में सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया कि उनकी गलतफहमी दूर हो गई है।

सुले ने कहा कि उन्हें पुरानी राजनीतिक घटनाओं को फिर से याद करने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं वर्तमान में रहती हूं, न की इतिहास में।’’

उत्तर प्रदेश की अपनी हालिया यात्रा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ नाश्ते का जिक्र करते हुए राकांपा (शप) सांसद ने कहा कि राजनीतिक मुलाकातों को स्वत: शक की नजर से नहीं देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘कृपया यह मानना ​​बंद करें कि नेताओं के बीच होने वाली हर मुलाकात किसी साजिश का हिस्सा होती है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि महाराष्ट्र की राजनीति में हर मुलाकात को इसी नज़रिए से देखा जाता है।’’

भाषा धीरज नरेश

नरेश