संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी ईरान के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने में असमर्थ

संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी ईरान के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने में असमर्थ

संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी ईरान के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने में असमर्थ
Modified Date: June 5, 2026 / 12:57 pm IST
Published Date: June 5, 2026 12:57 pm IST

( स्टेफनी लिचेंस्टीन )

वियना, पांच जून (एपी) संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ‘अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी’ (आईएईए) ने कहा है कि पिछले वर्ष जून में युद्ध के दौरान प्रभावित हुए ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों का वह अब तक निरीक्षण नहीं कर सकी है। एजेंसी की सदस्य देशों को भेजी गई एक गोपनीय रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

आईएईए ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि वह ईरान में मौजूद संवर्धित यूरेनियम के भंडार के वर्तमान आकार, संरचना और स्थान के बारे में कोई जानकारी देने की स्थिति में नहीं है। एजेंसी यह भी पुष्टि नहीं कर सकती कि ईरान ने यूरेनियम संवर्धन से जुड़ी सभी गतिविधियां रोक दी हैं या नहीं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि आईएईए परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) के तहत अपने सुरक्षा एवं निगरानी संबंधी दायित्वों का पूरी तरह निर्वहन करने में असमर्थ है। एजेंसी ने जोर देकर कहा कि तेहरान के लिए संधि के तहत अपने दायित्वों को लागू करना ‘‘अत्यावश्यक और अनिवार्य’’ है।

आईएईए के अनुसार फरवरी में जारी पिछली रिपोर्ट के बाद से उसके निरीक्षकों को ईरान के केवल बुशेहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र का ही दौरा करने की अनुमति मिली है। यह निरीक्षण एक से तीन जून के बीच किया गया। बुशेहर में संचालित रिएक्टर में रूस से प्राप्त 4.5 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम का उपयोग किया जा रहा है, जो बिजली उत्पादन के लिए आवश्यक निम्न स्तर का संवर्धन माना जाता है।

यह रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच संघर्षविराम के बावजूद हमलों और जवाबी कार्रवाइयों का सिलसिला जारी है।

रिपोर्ट के अनुसार ईरान के पास वर्तमान में 60 प्रतिशत तक संवर्धित 440.9 किलोग्राम यूरेनियम का भंडार है। यह स्तर, हथियार बनाने के लिए उपयुक्त माने जाने वाले 90 प्रतिशत संवर्धन से केवल एक तकनीकी चरण दूर है।

आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने हाल ही में एक साक्षात्कार में कहा था कि यदि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम का सैन्यीकरण करने का निर्णय लेता है, तो उसके पास मौजूद यह भंडार सैद्धांतिक रूप से 10 परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त हो सकता है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया था कि इसका अर्थ यह नहीं है कि ईरान के पास वर्तमान में परमाणु हथियार मौजूद हैं।

एजेंसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार इतनी अधिक मात्रा में संवर्धित परमाणु सामग्री का सामान्यतः हर महीने सत्यापन किया जाना चाहिए, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में यह संभव नहीं हो पा रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रॉसी ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए जारी कूटनीतिक वार्ताओं का पूर्ण समर्थन दोहराया है। उन्होंने कहा कि आईएईए किसी भी संभावित समझौते को लागू करने और उसके सत्यापन में सहयोग देने के लिए तैयार है।

एपी प्रचेता वैभव मनीषा

मनीषा

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