तेहरान, आठ अप्रैल (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार देर रात ईरान पर बड़े हमलों की अपनी धमकी से पीछे हटते हुए तनाव कम करने का रुख दिखाया। यह फैसला उन्होंने तेहरान को समझौते के लिए दी गई तय समयसीमा खत्म होने से लगभग दो घंटे पहले लिया।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान दो सप्ताह के संघर्षविराम पर सहमत हो गए हैं, लिहाजा वह ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों पर हमले की अपनी योजना फिलहाल टाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष विराम में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना भी शामिल है।
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा कि उसने संघर्षविराम को स्वीकार कर लिया है और वह शुक्रवार से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका से बातचीत करेगा।
हालांकि, न तो ईरान और न ही अमेरिका ने यह बताया कि संघर्षविराम कब से लागू होगा। इस बीच बुधवार सुबह इजराइल, ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हमले जारी रहे।
अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ के एक अधिकारी के अनुसार, इजराइल भी संघर्षविराम के लिए सहमत हो गया है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के मुताबिक, इस संघर्षविराम में लेबनान में इजराइल और हिजबुल्ला के बीच लड़ाई रोकने की भी बात शामिल है।
ईरान द्वारा फारसी में जारी 10 सूत्री संघर्षविराम योजना में उसके परमाणु कार्यक्रम के लिए “संवर्धन की स्वीकृति” का जिक्र किया गया है, लेकिन यह वाक्यांश अंग्रेजी संस्करण में नहीं था, जो ईरानी राजनयिकों ने पत्रकारों के साथ साझा किया।
ट्रंप ने पहले कहा था कि ईरान ने एक “कारगर” 10 सूत्री योजना पेश की है, जिससे फरवरी में अमेरिका और इजराइल द्वारा शुरू किए गए युद्ध को खत्म करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि बाद में उन्होंने इसे फर्जी करार दिया, लेकिन विस्तार से कुछ नहीं बताया।
ट्रंप ने कहा है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करना इस युद्ध का एक प्रमुख लक्ष्य है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि जहाजों के जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति ईरानी सैन्य प्रबंधन के तहत दी जाएगी।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इसका मतलब यह है कि ईरान इस मार्ग पर अपनी पकड़ पूरी तरह ढीली करेगा या नहीं।
एक क्षेत्रीय अधिकारी के अनुसार, इस योजना के तहत ईरान और ओमान दोनों को जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लेने की अनुमति होगी। अधिकारी ने कहा कि ईरान इस धन का उपयोग पुनर्निर्माण के लिए करेगा।
संघर्षविराम के बदले ईरान की मांगों में क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी, प्रतिबंधों को हटाना और उसकी परिसंपत्तियों पर लगी रोक हटाना है।
युद्ध शुरू होने के बाद से ट्रंप कई बार अपनी तय समय-सीमाओं से ठीक पहले पीछे हटते रहे हैं।
मंगलवार को एक बार फिर ऐसा करते हुए ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के साथ हुई बातचीत के आधार पर लिया।
शहबाज शरीफ ने इससे कुछ घंटे पहले ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप से अपील की थी कि वह अपनी तय समय-सीमा को दो हफ्ते के लिए बढ़ा दें ताकि कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ने का मौका मिल सके।
उन्होंने इसी पोस्ट में ईरान से भी दो हफ्तों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का अनुरोध किया था।
ट्रंप ने कहा, “अमेरिका और ईरान के बीच पिछले विवाद के लगभग सभी बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है, लेकिन दो हफ्तों का संघर्ष विराम समझौते को अंतिम रूप देने और लागू करने में मदद करेगा।”
एपी जोहेब सुरभि
सुरभि