अमेरिका और ईरान युद्धविराम वार्ता के लिए तैयार, नेतन्याहू ने लेबनान के साथ बातचीत को मंजूरी दी

अमेरिका और ईरान युद्धविराम वार्ता के लिए तैयार, नेतन्याहू ने लेबनान के साथ बातचीत को मंजूरी दी

अमेरिका और ईरान युद्धविराम वार्ता के लिए तैयार, नेतन्याहू ने लेबनान के साथ बातचीत को मंजूरी दी
Modified Date: April 10, 2026 / 08:20 pm IST
Published Date: April 10, 2026 8:20 pm IST

दुबई, 10 अप्रैल (एपी) ईरान और अमेरिका के वार्ताकार शुक्रवार को उच्चस्तरीय वार्ता के लिए तैयारी करते नजर आए, जबकि उनके बीच युद्धविराम की स्थिति अब भी डांवाडोल है। इस बीच, इजराइल और हिजबुल्ला ने एक-दूसरे पर गोलीबारी जारी रखी और तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए रखा।

अब भी कई ऐसे मुद्दे हैं जो युद्धविराम को पटरी से उतार सकते हैं, साथ ही युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए व्यापक समझौते पर बातचीत को भी प्रभावित कर सकते हैं।

रिवोल्यूशनरी गार्ड की करीबी और ईरान की अर्धसरकारी समाचार एजेंसी ‘तसनीम’ ने दावा किया कि शनिवार को होने वाली वार्ता तब तक नहीं होगी जब तक इजराइल लेबनान पर अपने हमले बंद नहीं कर देता। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान जलडमरूमध्य से जहाजों के निर्बाध आवागमन को रोककर ‘‘बहुत ही गलत काम’’ कर रहा है, जिससे कभी दुनिया के 20 प्रतिशत तेल का व्यापार होता था।

इस बीच, कुवैत ने कहा कि बृहस्पतिवार रात उसके यहां ड्रोन हमला हुआ, जिसके लिए उसने ईरान और क्षेत्र में उसके मिलिशिया सहयोगियों को जिम्मेदार ठहराया।

हालांकि, ईरान के अर्धसैनिक बल ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने कोई भी हमला करने से इनकार किया है, लेकिन उसने अतीत में पश्चिम एशिया में ऐसे हमले किए हैं जिनकी जिम्मेदारी उसने नहीं ली।

इसके बावजूद, ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता की तैयारियां आगे बढ़ती दिख रही हैं तथा अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस वाशिंगटन से पाकिस्तान के लिए रवाना हो चुके हैं।

इस बीच, एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि इजराइल और लेबनान के बीच बातचीत अगले सप्ताह वाशिंगटन में शुरू होने की उम्मीद है।

पाकिस्तान जाने के लिए ‘एयरफोर्स टू’ विमान में सवार होने के दौरान वेंस ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि ईरान के साथ बातचीत ‘‘सकारात्मक’’ होगी।

वेंस ने कहा, “हम बातचीत के लिए उत्सुक हैं। मुझे लगता है कि यह सकारात्मक होगी। देखते हैं क्या होता है।’’

उपराष्ट्रपति ने राष्ट्रपति ट्रंप का हवाला देते हुए कहा, ‘‘अगर ईरानी सद्भावना से बातचीत करने को तैयार हैं, तो हम निश्चित रूप से खुले हाथ बढ़ाने को तैयार हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर वे हमारे साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें पता चलेगा कि बातचीत करने वाली टीम इतना सुनने वाली नहीं है।’’

इजराइल जहां कहता रहा है कि युद्धविराम में हिजबुल्ला के साथ उसकी लड़ाई शामिल नहीं है, वहीं ईरान ने कहा है कि ऐसी स्थिति में युद्धविराम लागू नहीं रह पाएगा।

जिस दिन युद्धविराम की घोषणा हुई, उसी दिन इज़राइल ने बेरूत पर हवाई हमले किए, जिसमें लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 300 से अधिक लोग मारे गए।

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ़ ने बृहस्पतिवार को चेतावनी दी कि हिजबुल्ला पर इजराइल के लगातार हमलों का कड़ा जवाब दिया जाएगा।

इस बीच, नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने हिजबुल्ला आतंकवादियों को निरस्त्र करने और पड़ोसी देशों के बीच संबंध स्थापित करने के उद्देश्य से लेबनान के साथ ‘‘जल्द से जल्द’’ बातचीत पर सहमति दी है।

इजराइल द्वारा लेबनान के साथ सीधी बातचीत की घोषणा किए जाने के बाद जारी पहले बयान में, हिजबुल्ला प्रमुख नईम कासिम ने लेबनानी अधिकारियों से ‘‘मुफ्त रियायतें’’ बंद करने का आग्रह किया, लेकिन बातचीत पर कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया।

ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किए जाने से तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, शेयर बाजार में गिरावट आई है और विश्व अर्थव्यवस्था में उथल-पुथल मची हुई है। जलमार्ग पर तेहरान का नियंत्रण युद्ध में उसका सबसे बड़ा रणनीतिक लाभ साबित हुआ है।

संघर्ष से पहले, प्रतिदिन 100 से अधिक जहाज इस जलडमरूमध्य से गुजरते थे। युद्धविराम लागू होने के बाद से, केवल 12 जहाज ही यहां से गुजर पाए हैं।

एपी नेत्रपाल अविनाश

अविनाश


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