दुबई, 28 फरवरी (एपी) अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को ईरान पर बड़ा हमला शुरू किया, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जनता से ‘‘अपने भाग्य की बागडोर अपने हाथ में लेने’’ और 1979 से देश पर शासन कर रहे इस्लामी नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह करने का आह्वान किया।
ऐसा प्रतीत होता है कि पहला हमला ईरान सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालयों के आसपास के इलाकों में हुआ और ईरानी मीडिया ने देशभर में हमलों की खबरें दी तथा राजधानी तेहरान से धुएं का गुबार उठता दिखायी दिया।
ट्रंप ने ‘‘बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान’’ शुरू होने की घोषणा करते हुए एक वीडियो के माध्यम से कहा, ‘‘जब हम अपना काम पूरा कर लेंगे, तो अपनी सरकार पर कब्ज़ा कर लेना। वह तुम्हारी होगी जिसकी बागडोर तुम अपने हाथ में ले सकोगे। संभवतः आने वाली कई पीढ़ियों में यह तुम्हारे पास एकमात्र मौका होगा।’’कई वर्षों से आप अमेरिका से मदद मांगते रहे हैं, लेकिन आपको कभी मदद नहीं मिली।’’
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस व्यापक लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा संयुक्त अभियान बहादुर ईरानी लोगों के लिए ऐसी परिस्थितियां पैदा करेगा, जिससे वे अपने भविष्य का फैसला खुद अपने हाथों में ले सकें।’’
इन हमलों ने ईरान में अमेरिकी हस्तक्षेप के एक चौंकाने वाले नए अध्याय की शुरुआत कर दी और यह आठ महीनों के भीतर दूसरी बार है जब ट्रंप प्रशासन ने इस्लामी गणराज्य के खिलाफ सैन्य बल का इस्तेमाल किया है।
ये हमले ऐसे समय में हुए जब हाल के हफ्तों में तनाव काफी बढ़ गया था। अमेरिकी युद्धपोत क्षेत्र में तैनात किए जा चुके थे और ट्रंप ने कहा था कि वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए एक समझौता चाहते हैं। यह उस समय हो रहा है जब देश के भीतर भी हालात चुनौतीपूर्ण हैं और राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है।
हमलों के जवाब में ईरान ने वैसी ही प्रतिक्रिया दी, जैसी वह कई महीनों से देने की धमकी दे रहा था। सबसे पहले उसने इजराइल को निशाना बनाते हुए मिसाइलों और ड्रोन की एक श्रृंखला दागी। इसके बाद उसने बहरीन, कुवैत और कतर में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए।
संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी पर हुए ईरानी मिसाइल के नुकीले छर्रे से एक व्यक्ति की मौत हो गई। सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात और इराक ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि देश अपनी प्रतिक्रिया देने में ‘‘जरा भी हिचकिचाएगा नहीं।’’ मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर जारी एक बयान में कहा, ‘‘अब मातृभूमि की रक्षा करने और दुश्मन के सैन्य हमले का सामना करने का समय आ गया है।’’
सरकारी समाचार एजेंसी ‘आईआरएनए’ के अनुसार, हवाई हमलों में एक बालिका विद्यालय की पांच छात्राओं की मौत हो गई। यह इन हमलों में मौतों का ईरान की ओर से पहला पुष्ट आंकड़ा है। यह हमला ईरान के होर्मोज़गान प्रांत के मीनाब शहर में हुआ जहां ईरान के अर्धसैनिक बल ‘रिवोल्यूशनरी’ गार्ड का एक अड्डा है।
सैन्य कार्रवाई को सही ठहराते हुए ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लगातार विकसित करता रहा है और ऐसी मिसाइलें बनाने की योजना बना रहा है जो अमेरिका तक पहुंच सकें।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस संघर्ष में अमेरिकी हताहत हो सकते हैं। ट्रंप ने कहा, ‘‘युद्ध में अक्सर ऐसा होता है।’’
ईरानी मीडिया ने देशभर में हमलों की खबरें दीं। तेहरान के मध्य क्षेत्र में स्थित खामेनेई के परिसर की ओर जाने वाली सड़कों को अधिकारियों ने बंद कर दिया, जबकि राजधानी के विभिन्न हिस्सों में विस्फोटों की आवाज़ें भी सुनाई देती रहीं।
तेहरान में प्रत्यदर्शियों ने खामेनेई के कार्यालय के पास पहला धमाका सुना। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने बाद में विस्फोट की रिपोर्ट दी, लेकिन इसका कारण नहीं बताया।
इजराइल द्वारा ईरान पर हमले की घोषणा के बाद राजधानी तेहरान में और भी विस्फोट हुए।
इस अभियान के बारे में जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि इजराइली अभियान में ईरान की सेना, सरकाी भवनों और खुफिया ठिकानों को निशाना बनाया गया।
ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने जवाबी कार्रवाई में इजराइल को निशाना बनाते हुए ‘‘पहले दौर’’ के ड्रोन और मिसाइल दागीं।
इस बीच, बहरीन ने कहा कि अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को मिसाइल से निशाना बनाया गया।
कुवैत में प्रत्यक्षदर्शियों ने सायरन और विस्फोटों की आवाजें सुनीं। कतर में भी विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं। कुवैत में अमेरिकी सेना का केंद्र स्थित है।
इराक और संयुक्त अरब अमीरात ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया, और जॉर्डन में सायरन बजने लगे।
यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने ईरान के समर्थन में समुद्री मार्गों और इजराइल पर मिसाइल एवं ड्रोन हमले फिर से शुरू करने का फैसला किया है। हूती विद्रोहियों के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने यह बात नाम उजागर न करने की शर्त पर कही क्योंकि हूती नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
कतर, संयुक्त अरब अमीरात और इजराइल में अमेरिकी दूतावासों या वाणिज्य दूतावासों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि उन्होंने कर्मचारियों को अपने घरों में ही सुरक्षित रहने के लिए कहा है और सभी अमेरिकियों को ‘‘अगले आदेश तक ऐसा ही करने’’ की सलाह दी है।
एपी गोला माधव
माधव