वाशिंगटन, 31 अगस्त (एपी) अमेरिका के वित्त विभाग ने कुछ पत्रकारों को दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों की वित्तीय बैठक को ‘कवर’ (किसी कार्यक्रम या घटना की मौके पर जाकर रिपोर्टिंग) करने से रोक दिया है।
यह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा मीडिया की पहुंच सीमित किए जाने का नया मामला है।
‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने बताया कि उसके और ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ एवं ‘ब्लूमबर्ग’ के पत्रकारों को उत्तरी कैरोलाइना के एशविल में होने वाली जी-20 वित्त मंत्रियों की बैठक के लिए मान्यता नहीं दी गई।
वित्त विभाग ने इस फैसले का कोई कारण नहीं बताया है। हालांकि, अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने रविवार को एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘इसका किसी विचारधारा या किसी खास दृष्टिकोण से कोई लेना-देना नहीं है।’’
जिन पत्रकारों को बैठक में प्रवेश नहीं दिया गया है, उनमें ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के एलन रैपेपोर्ट भी शामिल हैं। वह 2017 से ऐसी बैठकों और वित्त विभाग को कवर करते रहे हैं। हालांकि, ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के एक अन्य पत्रकार और बर्लिन ब्यूरो प्रमुख जिम टैंकर्सली को बैठक में शामिल होने की अनुमति दी गई है।
‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने एक बयान में कहा कि अमेरिका में आयोजित किसी कार्यक्रम में अमेरिकी पत्रकारों को प्रवेश से वंचित करना ‘‘प्रशासन द्वारा स्वतंत्र पत्रकारिता को कमजोर करने की एक और चिंताजनक कोशिश’’ ही नहीं है, बल्कि ‘‘जनता की निगरानी से बचने का प्रयास’’ भी है।
अखबार ने कहा, ‘‘ईरान में युद्ध, प्रतिबंध, बॉण्ड बाजार और महंगाई जैसे मुद्दे जी-20 के वित्त मंत्रियों के एजेंडे में हैं। ऐसे में इस बैठक का वैश्विक अर्थव्यवस्था और अमेरिकी जनता के लिए बहुत महत्व है। विशिष्ट पत्रकारों और पूरे समाचार संगठनों को बाहर रखना जनता के हित के खिलाफ है और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है, जिसकी हम कड़ी निंदा करते हैं।’’
‘ब्लूमबर्ग न्यूज’ ने कहा कि बैठक में पत्रकारों के प्रवेश पर रोक ‘‘मीडिया की स्वतंत्रता और सार्वजनिक जवाबदेही को कमजोर करती है।’’
वहीं, ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
बेसेंट जी-20 की इस बैठक की मेजबानी कर रहे हैं, जो शनिवार से मंगलवार तक चलेगी। इसमें दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के वित्त मंत्री, केंद्रीय बैंक के गवर्नर और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो रहे हैं।
अमेरिकी मीडिया और ट्रंप प्रशासन के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। यह तनाव सार्वजनिक रूप से भी सामने आ रहा है और कई बार अदालतों तक भी पहुंच चुका है।
रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने इस साल की शुरुआत में घोषणा की थी कि उसका प्रेस कार्यालय अब गोपनीय क्षेत्र बन गया है, जहां पत्रकारों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
एपी गोला सिम्मी
सिम्मी