वेनेजुएला के सहयोग से अमेरिकी हमले में ‘ट्रेन दे अरागुआ’ गिरोह का मुखिया मारा गया : ट्रंप

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वेनेजुएला के सहयोग से अमेरिकी हमले में ‘ट्रेन दे अरागुआ’ गिरोह का मुखिया मारा गया : ट्रंप

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  • Publish Date - June 13, 2026 / 09:28 AM IST,
    Updated On - June 13, 2026 / 09:28 AM IST

वाशिंगटन, 13 जून (एपी) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को दावा किया कि अमेरिका के एक ‘‘तेज और घातक सैन्य अभियान’’ में कुख्यात अपराधी गिरोह ‘ट्रेन दे अरागुआ’ के मुखिया हेक्टर रुस्थेनफोर्ड गुरेरो फ्लोरेस को मार गिराया गया है।

अमेरिका ने ट्रेन दे अरागुआ को एक आतंकी संगठन घोषित कर रखा है। गुरेरो फ्लोरेस पर न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत में आपराधिक षड्यंत्र, आतंकवादियों को समर्थन देने, मादक पदार्थों की तस्करी और उगाही जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।

अमेरिकी विदेश विभाग ने उसकी गिरफ्तारी में मदद देने वाली किसी भी सूचना के लिए 50 लाख डॉलर तक के इनाम की घोषणा भी की थी।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि यह कार्रवाई इसी सप्ताह वेनेजुएला में गिरोह के एक ठिकाने पर की गई।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच पर लिखा कि ट्रेन दे अरागुआ के आतंकवादियों के लिए अब वेनेजुएला या दुनिया में कहीं भी सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है और अमेरिका उन्हें पाताल से भी ढूंढ निकालेगा तथा नरक में भेजेगा।

ट्रेन दे अरागुआ की शुरुआत एक दशक से अधिक पहले वेनेजुएला के अरागुआ राज्य की एक कुख्यात जेल से हुई थी। गुरेरो फ्लोरेस और उसके साथियों ने जेल प्रशासन पर नियंत्रण स्थापित कर कैदियों से वसूली का नेटवर्क खड़ा कर लिया था। समय के साथ जेल को उन्होंने एक छोटे शहर जैसा बना दिया, जिसमें चिड़ियाघर, बेसबॉल मैदान, कसीनो और रेस्तरां तक मौजूद थे।

यह गिरोह हाल के वर्षों में वेनेजुएला से बड़े पैमाने पर हुए पलायन के साथ लातिन अमेरिका के कई देशों तक फैल गया। पेरू और कोलंबिया सहित कई देशों ने इस पर हिंसा, उगाही और संगठित अपराध फैलाने के आरोप लगाए हैं।

ट्रंप प्रशासन ने अवैध प्रवासन और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त अभियान चलाया है और ट्रेन दे अरागुआ को उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और यूरोप में बढ़ती हिंसा और अपराध के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

एपी गोला शोभना

शोभना