वर्कआउट के बाद शरीर की रिकवरी के लिए अपनाए जाने वाले तरीकों के बारे में क्या कहता है विज्ञान

वर्कआउट के बाद शरीर की रिकवरी के लिए अपनाए जाने वाले तरीकों के बारे में क्या कहता है विज्ञान

वर्कआउट के बाद शरीर की रिकवरी के लिए अपनाए जाने वाले तरीकों के बारे में क्या कहता है विज्ञान
Modified Date: September 7, 2026 / 04:22 pm IST
Published Date: September 7, 2026 4:22 pm IST

(मैक्स डेविस, बाथ विश्वविद्यालय)

बाथ (ब्रिटेन), सात सितंबर (द कन्वरसेशन) मुश्किल वर्कआउट पूरा करने के बाद हमेशा अच्छा महसूस होता है, लेकिन कुछ घंटों बाद मांसपेशियों में दर्द और खिंचाव शुरू हो जाता है। यह परेशानी कई दिन तक रह सकती है और रोजमर्रा के आसान काम करना भी मुश्किल हो सकता है।

इस दर्द से राहत पाने के लिए जिम जाने वाले लोग अब उन तरीकों को अपना रहे हैं, जो पहले केवल बड़े स्तर के खिलाड़ियों के लिए इस्तेमाल किए जाते थे। सोशल मीडिया और पेशेवर खेलों ने आइस बाथ, कंप्रेशन वस्त्र, मसाज और रिकवरी सप्लीमेंट जैसी कई चीजों को लोकप्रिय बनाया है।

इनमें से कई चीजों से जल्दी रिकवरी, कम दर्द और बेहतर प्रदर्शन का दावा किया जाता है, लेकिन वैज्ञानिक शोध के आधार पर देखा जाए तो यह इतना आसान नहीं है।

-आइस बाथ-

रिकवरी के तरीकों में आइस बाथ पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया गया है। इसमें 15 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान वाले पानी में शरीर को कुछ समय के लिए डुबोया जाता है, ताकि रिकवरी बेहतर हो सके। लेकिन इसके फायदे को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण मिले-जुले हैं।

आइस बाथ सूजन को कम करने में मदद करता है। शोध के अनुसार, इससे मांसपेशियों का दर्द कम हो सकता है और 24 घंटे की अवधि में खिलाड़ियों की मांसपेशियां वर्कआउट से पहले जैसी करने में मदद मिल सकती है।

लेकिन इसमें एक समस्या है। सूजन जहां दर्द का कारण बनती है, वहीं यह शरीर में ऐसे बदलाव भी शुरू करती है, जो मांसपेशियों को मजबूत और विकसित करते हैं।

आइस बाथ इस प्रतिक्रिया को धीमा कर सकता है और इससे लंबे समय में ट्रेनिंग के कुछ फायदे सीमित हो सकते हैं, खासकर अगर इसका नियमित रूप से इस्तेमाल किया जाए।

इसलिए आइस बाथ में थोड़े समय का दर्द कम हो सकता है, लेकिन दीर्घकालिक लाभ में भी कमी आ सकती है। इसका इस्तेमाल तभी करना बेहतर है, जब जल्दी रिकवरी बहुत जरूरी हो।

– कंप्रेशन वस्त्र-

वर्कआउट के बाद रिकवरी तेज करने के लिए कंप्रेशन वस्त्र आमतौर पर पहने जाते हैं। इसके पीछे विचार यह है कि इन वस्त्रों से बाहर से पड़ने वाला दबाव रक्त संचार को बेहतर करता है, मांसपेशियों तक रक्त का प्रवाह बढ़ाता है और सूजन कम करता है।

कंप्रेशन वस्त्र दर्द कम करके आपको यह महसूस करा सकते हैं कि वे मददगार हैं, लेकिन इस बात के कम प्रमाण हैं कि वे वास्तव में मांसपेशियों की रिकवरी में सुधार करते हैं।

साल 2022 के एक अध्ययन में इसका परीक्षण किया गया। एक समूह को कंप्रेशन वस्त्र दिए गए, जबकि दूसरे समूह को एक ऐसी ‘प्लेसीबो’ गोली दी गई, जिसके बारे में उन्हें बताया गया कि वह कंप्रेशन वस्त्रों जितनी ही प्रभावी है।

कंप्रेशन वस्त्रों से रक्त संचार और मांसपेशियों में रक्त का प्रवाह बेहतर हुआ, जबकि प्लेसीबो का इन चीजों पर कोई असर नहीं पड़ा। इसका मतलब है कि कंप्रेशन वस्त्र वास्तव में रिकवरी में मदद कर सकते हैं।

हालांकि, ये बदलाव प्रदर्शन में वास्तव में कितना सुधार करते हैं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। नए शोध से पता चलता है कि कंप्रेशन वस्त्र रिकवरी के कुछ संकेतकों पर सचमुच असर डालते हैं, लेकिन इससे मांसपेशियों की क्षमता सीधे तौर पर वापस हासिल होने की संभावना कम है।

इसलिए कंप्रेशन वस्त्र मुख्य रूप से इसलिए मदद कर सकते हैं, क्योंकि उनसे आपको महसूस होता है कि आप बेहतर तरीके से रिकवर हो रहे हैं।

-मसाज-

मसाज रिकवरी के उन कुछ तरीकों में से एक है, जिसके समर्थन में वैज्ञानिक प्रमाण काफी हद तक लगातार मिलते रहे हैं। यह वर्कआउट के बाद दर्द कम कर सकती है और आपको बेहतर महसूस करा सकती है।

मसाज से रिकवरी में फायदे वास्तव में किस वजह से होते हैं, यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इसकी वजह यह हो सकती है कि मसाज मांसपेशियों की जकड़न कम करती है, रक्त संचार बेहतर करती है और शरीर को आराम देने में मदद करती है।

हालांकि, मसाज के बाद खिलाड़ियों को कम दर्द महसूस होता है और रिकवरी बेहतर लगती है, लेकिन प्रदर्शन और मांसपेशियों की क्षमता को मापने पर मिले फायदे सीमित और अलग-अलग रहे हैं।

मसाज दर्द को कम कर सकती है, लेकिन इससे एथलीट के प्रदर्शन में पूरी तरह सुधार की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए।

– रिकवरी सप्लीमेंट-

पोषण संबंधी सप्लीमेंट का बाजार बहुत बड़ा है। इसमें कई तरह के रंग-बिरंगे रिकवरी ड्रिंक और कैप्सूल मिलते हैं, जिनसे दर्द कम करने और जल्दी रिकवरी होने के दावे किए जाते हैं। लेकिन सभी सप्लीमेंट एक जैसे नहीं होते। कुछ से थोड़े फायदे मिलते दिखाई देते हैं, जबकि कुछ दावों का वैज्ञानिक रूप से समर्थन नहीं किया जा सकता।

उदाहरण के लिए, व्हे प्रोटीन पर काफी शोध हुआ है। इसमें अमीनो अम्ल भरपूर मात्रा में होते हैं, जो प्रोटीन के निर्माण के लिए जरूरी होते हैं। यह मांसपेशियों में प्रोटीन बनने की प्रक्रिया को बढ़ाता है, जिससे मांसपेशियों के विकास में मदद मिलती है। व्हे प्रोटीन से मांसपेशियों की रिकवरी में कम से मध्यम स्तर का फायदा देखा गया है, लेकिन यह दर्द कम करता है या नहीं, इस बारे में प्रमाण एक जैसे नहीं हैं।

ब्रांच-चेन अमीनो अम्ल (बीसीएएएस) ऐसे सप्लीमेंट हैं, जिनमें आमतौर पर ल्यूसीन, आइसोल्यूसीन और वेलीन नाम के अमीनो अम्ल का मिश्रण होता है। बीसीएएएस लोकप्रिय हैं, क्योंकि माना जाता है कि इनमें मौजूद ल्यूसीन मांसपेशियों में प्रोटीन बनने की प्रक्रिया शुरू करता है।

लेकिन लोकप्रिय होने के बावजूद, बीसीएएएस मांसपेशियों की रिकवरी के लिए पूरे प्रोटीन वाले स्रोतों की तुलना में कम प्रभावी दिखाई देते हैं। इसका कारण यह है कि मांसपेशियों की मरम्मत के लिए सभी जरूरी अमीनो अम्ल की आवश्यकता होती है, केवल बीसीएएएस में मौजूद अमीनो अम्ल की नहीं। चिकन, बीफ, सैल्मन और टोफू जैसे खाद्य पदार्थों में सभी जरूरी अमीनो अम्ल पाए जाते हैं।

टार्ट चेरी जूस फिटनेस की दुनिया में अपेक्षाकृत नया सप्लीमेंट है। इसमें पॉलीफेनॉल नाम के पौधों से मिलने वाले यौगिक भरपूर मात्रा में होते हैं। इनके बारे में कहा जाता है कि इनमें सूजन कम करने और कोशिकाओं को नुकसान से बचाने या नुकसान कम करने वाले एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव होते हैं। इसी वजह से माना जाता है कि टार्ट चेरी जूस मांसपेशियों को होने वाले नुकसान और दर्द को कम करने में मदद कर सकता है।

हालांकि, इस क्षेत्र में अभी शोध जारी है। प्रमाण बताते हैं कि ये यौगिक वर्कआउट के बाद दर्द कम करने में कम से मध्यम स्तर का फायदा दे सकते हैं और मांसपेशियों की ताकत व क्षमता वापस पाने में भी मदद कर सकते हैं।

ओमेगा-3 (फिश ऑयल) सप्लीमेंट को अक्सर सूजन कम करने और वर्कआउट के बाद रिकवरी तेज करने वाला बताया जाता है। कुछ शोध बताते हैं कि ये मांसपेशियों के दर्द को थोड़ा कम कर सकते हैं और कड़े व्यायाम के बाद मांसपेशियों की क्षमता बनाए रखने में मदद कर सकते हैं, लेकिन इसके परिणाम पूरी तरह एक जैसे नहीं हैं। इसलिए ओमेगा-3 सप्लीमेंट से रिकवरी में बहुत बड़ा सुधार होने की संभावना नहीं है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि ये सभी पोषक तत्व स्वस्थ और संतुलित आहार से प्राप्त किए जा सकते हैं। विज्ञान यह भी बताता है कि महंगे सप्लीमेंट लेने की तुलना में इन पोषक तत्वों को पूरे खाद्य पदार्थों से लेना बेहतर है, क्योंकि पूरे खाद्य पदार्थों में दूसरे महत्वपूर्ण पोषक तत्व भी होते हैं, जो स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं।

– वास्तव में क्या कारगर है?

रिकवरी की लोकप्रिय युक्तियों से दर्द के मामले में थोड़ा फायदा हो सकता है, लेकिन वे आमतौर पर मांसपेशियों की क्षमता को बहुत हद तक पहले जैसा नहीं कर पाते। इसके बजाय, अच्छी रिकवरी के लिए सबसे मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण बुनियादी चीजों के पक्ष में हैं, जिनके बारे में नीचे जानकारी दी गई है:

1. नींद को प्राथमिकता दें: हर रात 7-9 घंटे सोएं, ताकि शरीर जरूरी रिकवरी और शरीर में होने वाले अनुकूलन की प्रक्रियाएं पूरी कर सके।

2. सही पोषण लें: व्यायाम के बाद मांसपेशियों की मरम्मत के लिए 20-40 ग्राम प्रोटीन लें और शरीर में ऊर्जा के भंडार को फिर से भरने के लिए पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाइड्रेट लें।

3. समझदारी से ट्रेनिंग करें: अच्छी नींद और सही पोषण के साथ व्यायाम की उचित और अच्छी योजना बनाएं। हर दिन संतुलित व्यायाम करना और जरूरत पड़ने पर हल्के वर्कआउट की योजना बनाना शामिल है, ताकि शरीर को रिकवरी का समय मिल सके।

(द कन्वरसेशन) जोहेब दिलीप

दिलीप


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