चीन-नेपाल सीमा पर भूस्खलन के बाद शी चिनफिंग ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने का आदेश दिया

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चीन-नेपाल सीमा पर भूस्खलन के बाद शी चिनफिंग ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने का आदेश दिया

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  • Publish Date - August 26, 2026 / 06:34 PM IST,
    Updated On - August 26, 2026 / 06:34 PM IST

बाीजिंग, 26 अगस्त (भाषा) चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने तिब्बत में चीन-नेपाल सीमा क्षेत्र के गांवों में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद लापता लोगों की तलाश और उन्हें बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का आदेश दिया।

इस आपदा के कारण बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं।

आपात स्थिति से निपटने के अभियान में मदद के लिए पीपुल्स आर्म्ड पुलिस के शिगात्से दस्ते के 145 अधिकारियों और जवानों को भूस्खलन प्रभावित सीमावर्ती इलाके में स्थित बंदरगाह भेजा गया है।

तिब्बत की सीमा से लगे मध्य नेपाल के दो जिलों में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ में चार लोगों की मौत हो गई।

बाढ़ से नदी किनारे बसी बस्तियों में भारी तबाही हुई और कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं।

कम से कम 105 भारतीय और 37 प्रवासी भारतीय उन 400 लोगों में शामिल हैं, जिनका अब तक कोई पता नहीं चल पाया है।

शी ने जोखिम वाले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और घायलों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास करने के निर्देश दिए ताकि जानमाल का कम से कम नुकसान हो।

सरकारी समाचार एजेंसी ‘सिन्हुआ’ के अनुसार, शी ने ये निर्देश बुधवार पूर्वाह्न करीब 10:30 बजे हुए भूस्खलन के बाद दिए।

इस भूस्खलन में जिरोंग काउंटी के जिरोंग सीमा बंदरगाह पर भारी नुकसान हुआ और कई लोग लापता हो गए।

शी ने निगरानी और शुरुआती चेतावनी व्यवस्था को मजबूत करने, वैज्ञानिक तरीके से बचाव अभियान चलाने और अन्य संभावित आपदाओं से बचाव सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

चीन का तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र नेपाल के साथ लंबी सीमा साझा करता है और दोनों देशों के बीच सीमा के निकट भूस्खलन हुआ।

सरकारी मीडिया के मुताबिक, बुधवार को जिरोंग बंदरगाह के पास भूस्खलन हुआ और ड्रोन से बनाए गए वीडियो में बंदरगाह की कुछ इमारतें मलबे में दबी दिखाई दीं।

समाचार पत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने बताया कि स्थानीय प्रशासन उस आपदा प्रभावित क्षेत्र में कर्मियों को भेज रहा है, जहां संचार व्यवस्था बाधित हो गई है।

खबर के अनुसार, उत्तरी नेपाल में जिरोंग-रसुवा सीमा क्षेत्र में बुधवार को अचानक आई बाढ़ के बाद नेपाल स्थित चीनी दूतावास ने आपात प्रतिक्रिया तंत्र को सक्रिय कर दिया।

दूतावास ने प्रभावित क्षेत्र में चीनी नागरिकों और कंपनियों की स्थिति का जायजा लिया तथा नेपाल सरकार एवं संबंधित एजेंसियों से बचाव अभियान चलाने का आग्रह किया।

खबर में बताया गया कि दूतावास ने नेपाल में रह रहे चीन के नागरिकों और संस्थानों के लिए नया सुरक्षा परामर्श भी जारी किया है।

भाषा जितेंद्र सिम्मी

सिम्मी