Flex Fuel Car Launched: पेट्रोल की टेंशन खत्म? Maruti Wagon R अब नए अंदाज में आई सामने, अब इथेनॉल पर भी चलेगी और बचाएगी ईंधन का खर्च!

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Flex Fuel Car Launched: भारत में प्रदूषण कम करने और वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने के लिए मारुति सुजुकी की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार Wagon R लॉन्च कर दी गई है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसे आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। यह कार इथेनॉल मिश्रित ईंधन पर चल सकती है। जिससे पेट्रोल खर्च और प्रदूषण दोनों को कम करने में मदद मिलेगी।

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  • Publish Date - June 4, 2026 / 03:04 PM IST,
    Updated On - June 4, 2026 / 03:08 PM IST

(Flex Fuel Car Launched/ Image Credit: Maruti Suzuki)

HIGHLIGHTS
  • मारुति सुजुकी ने पहली फ्लेक्स-फ्यूल वैगनआर पेश की।
  • कार पेट्रोल और E85 दोनों ईंधन पर चल सकती है।
  • ट्रांसपोर्ट सेक्टर देश के 40% वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार है।

नई दिल्ली: Flex Fuel Car Launched in India: भारत में प्रदूषण कम करने और विदेशी तेल पर निर्भरता घटाने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इंडिया गैस फ्लेक्स इवेंट के दौरान मारुति सुजुकी की पहली फ्लेक्स फ्यूल काWagon R को लॉन्च किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि देश को अब वैकल्पिक ईंधन और बायोफ्यूल्स को तेजी से अपनाने की जरूरत है। उनका मानना है कि आने वाले समय में स्वच्छ और सस्ते ईंधन ही भारत के परिवहन क्षेत्र का भविष्य तय करेंगे।

प्रदूषण और तेल आयात की बड़ी चुनौती

नितिन गडकरी ने बताया कि देश में होने वाले कुल वायु प्रदूषण का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा परिवहन क्षेत्र से आता है। ऐसे में वाहनों के लिए स्वच्छ ईंधन का उपयोग बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत हर साल लगभग 22 से 23 लाख करोड़ रुपये का कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। इससे देश पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक को बढ़ावा मिलने से तेल की खपत कम हो सकती है और आयात पर खर्च होने वाली बड़ी राशि में भी कमी आ सकती है।

वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल में क्या है खास?

मारुति सुजुकी ने अपनी लोकप्रिय हैचबैक वैगनआर को नए फ्लेक्स-फ्यूल अवतार में पेश किया है। इस कार की सबसे बड़ी खासियत इसका फ्लेक्स-फ्यूल इंटरनल कंबशन इंजन है। यह इंजन सामान्य पेट्रोल के साथ-साथ E85 ईंधन पर भी चल सकता है। E85 में 85 प्रतिशत एथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। यह तकनीक वाहन को अलग-अलग प्रकार के ईंधन के अनुसार खुद को ढालने में सक्षम बनाती है।

कम प्रदूषण और ज्यादा बचत

एथेनॉल आधारित ईंधन के उपयोग को सुरक्षित बनाने के लिए कार के फ्यूल सिस्टम, इंजन के कई हिस्सों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को विशेष रूप से अपग्रेड किया गया है। इससे वाहन की परफॉर्मेंस और टिकाऊपन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कंपनी का दावा है कि यह कार पारंपरिक पेट्रोल वाहनों की तुलना में कम कार्बन उत्सर्जन करेगी जिससे पर्यावरण को लाभ मिलेगा। साथ ही एथेनॉल ईंधन सस्ता होने के कारण वाहन मालिकों को ईंधन खर्च में भी राहत मिल सकती है। यही वजह है कि इस लॉन्च को भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

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फ्लेक्स-फ्यूल कार क्या होती है?

फ्लेक्स-फ्यूल कार ऐसी गाड़ी होती है जो पेट्रोल के साथ-साथ एथेनॉल मिश्रित ईंधन, जैसे E85, पर भी चल सकती है।

E85 ईंधन में क्या होता है?

E85 में 85% एथेनॉल और 15% पेट्रोल का मिश्रण होता है, जिसे पर्यावरण के लिए अपेक्षाकृत बेहतर माना जाता है।

मारुति सुजुकी ने किस कार का फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल पेश किया है?

कंपनी ने अपनी लोकप्रिय हैचबैक वैगनआर का फ्लेक्स-फ्यूल वर्जन पेश किया है।

फ्लेक्स-फ्यूल कारों से क्या फायदा होगा?

इनसे प्रदूषण कम होगा, पेट्रोल पर निर्भरता घटेगी और ईंधन खर्च में भी बचत हो सकती है।