भाजपा की बिहार इकाई में बड़ा फेरबदल, नयी टीम में सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश

भाजपा की बिहार इकाई में बड़ा फेरबदल, नयी टीम में सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश

भाजपा की बिहार इकाई में बड़ा फेरबदल, नयी टीम में सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश
Modified Date: May 29, 2026 / 10:41 pm IST
Published Date: May 29, 2026 10:41 pm IST

पटना, 29 मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बिहार प्रदेश इकाई में शुक्रवार को बड़ा संगठनात्मक फेरबदल करते हुए प्रदेश पदाधिकारियों और विभिन्न मोर्चों के अध्यक्षों के नामों की घोषणा की गई।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने नयी टीम की घोषणा की। पार्टी द्वारा जारी सूची के अनुसार 14 प्रदेश उपाध्यक्ष, पांच प्रदेश महामंत्री, 14 प्रदेश मंत्री, एक प्रदेश कोषाध्यक्ष, दो सह-कोषाध्यक्ष, एक प्रदेश मुख्यालय प्रभारी और एक कार्यालय मंत्री को नयी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर हरिभूषण ठाकुर बचौल, राकेश कुमार, संतोष पाठक, मनोज कुमार सिंह, अनामिका पासवान, रामा सिंह, पवन जायसवाल, प्रणव कुमार यादव, संतोष रंजन राय, नंद प्रसाद चौहान, अनिल ठाकुर, मुकेश शर्मा, शीला कुशवाहा और बलराम मंडल को नियुक्त किया गया है।

वहीं, सरोज रंजन पटेल, धनराज शर्मा, प्रीति शेखर, नितिन अभिषेक और राजोर झा (राजू झा) को प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। संगठन को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से 14 नेताओं को प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है।

विक्रम नारायण सिंह को प्रदेश कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि राजेश सिन्हा और अंकुर गुप्ता को सह-कोषाध्यक्ष बनाया गया है। अक्षय कुमार को प्रदेश मुख्यालय प्रभारी तथा विनय केसरी को कार्यालय मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

भाजपा ने विभिन्न मोर्चों के अध्यक्षों के नामों की भी घोषणा की है। इसके तहत जितेंद्र सिंह को युवा मोर्चा, निशा सिंह को महिला मोर्चा, राम सुग्रीव सिंह को किसान मोर्चा, प्रमोद चंद्रवंशी को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा, सुजीत पासवान को अनुसूचित जाति मोर्चा, निरंजन पंडियार थारू को अनुसूचित जनजाति मोर्चा तथा महबूब हक को अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है।

पार्टी नेताओं ने कहा कि नए पदाधिकारियों और मोर्चा अध्यक्षों की नियुक्ति से संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि 15 दिसंबर को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के स्थान पर जिम्मेदारी संभालने के बाद सरावगी ने अब तक संगठन में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया था और डॉ. जायसवाल की टीम ही काम कर रही थी।

नयी प्रदेश कमेटी में जातीय और सामाजिक संतुलन साधने का प्रयास किया गया है। प्रदेश संगठन में अति पिछड़ा वर्ग (ईबीसी), पिछड़ा वर्ग, राजपूत और भूमिहार समाज को विशेष प्रतिनिधित्व मिला है।

सामाजिक आधार पर देखें तो 12 अति पिछड़ा वर्ग के नेताओं को संगठन में जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा छह पिछड़ा वर्ग, तीन दलित, छह भूमिहार, छह राजपूत, चार ब्राह्मण तथा एक कायस्थ समाज के प्रतिनिधि को प्रदेश टीम में स्थान मिला है।

संगठन में विधानसभा चुनाव हारने वाले कुछ पूर्व विधायकों को भी जगह दी गई है, जिनमें हरिभूषण ठाकुर बचौल और पवन जायसवाल प्रमुख हैं।

संगठन में वित्तीय जिम्मेदारी के स्तर पर भी बदलाव किया गया है। प्रदेश कोषाध्यक्ष पद पर विक्रम नारायण सिंह को नियुक्त किया गया है। इससे पहले यह जिम्मेदारी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल की टीम में राकेश तिवारी संभाल रहे थे।

प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सरावगी ने पूर्व प्रदेश कमेटी से केवल संतोष पाठक और अनामिका पासवान को ही अपनी नयी टीम में बरकरार रखा है।

वहीं, सिद्धार्थ शंभू, प्रमोद चंद्रवंशी, राजेंद्र सिंह, अमृता भूषण, डॉ. धर्मशिला गुप्ता, सरोज रंजन पटेल, धीरेन्द्र कुमार सिंह, संजय खंडेलिया, बेबी कुमारी, ललिता कुशवाहा और अशोक सहनी को भाजपा की नयी प्रदेश टीम में उपाध्यक्ष पद पर स्थान नहीं मिला है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नयी टीम के गठन के जरिए संजय सरावगी ने संगठन पर अपनी स्पष्ट छाप छोड़ने के साथ-साथ सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश की है।

भाषा

कैलाश रवि कांत


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