बिहार के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रियों ने कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी

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बिहार के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रियों ने कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी

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  • Publish Date - January 24, 2026 / 01:03 PM IST,
    Updated On - January 24, 2026 / 01:03 PM IST

पटना, 24 जनवरी (भाषा) बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत रत्न से सम्मानित कर्पूरी ठाकुर को उनकी 102वीं जयंती पर शनिवार को श्रद्धांजलि दी।

‘जननायक’ कहे जाने वाले ठाकुर अपने समय के एक महान समाजवादी थे जिन्होंने 1970 से 1971 और 1977 से 1979 तक दो बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। उन्हें 2024 में मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया।

खान, नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं विजय सिन्हा तथा अन्य वरिष्ठ मंत्रियों ने बिहार विधानसभा परिसर में कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

कुमार ने वरिष्ठ पार्टी नेताओं की उपस्थिति में कर्पूरी संग्रहालय और जद (यू) कार्यालय में समाजवादी नेता की तस्वीरों पर भी पुष्पांजलि अर्पित की।

उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि ठाकुर ने कठिनाइयों के बावजूद अपनी सादगी और ईमानदारी के कारण राजनीति में अपनी छाप छोड़ी।

उन्होंने कहा, ‘‘हम सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने, जातिवाद के जहर से समाज को बांटने की भावना को समाप्त करने और एक योद्धा की तरह ईमानदारी से काम करते हुए एक विकसित बिहार एवं एक विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रयासरत रहेंगे।’’

बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने भी ठाकुर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, ‘‘स्वतंत्रता आंदोलन और बिहार तथा देश की राजनीति में उनका (कर्पूरी ठाकुर का) योगदान अनुकरणीय रहा है। सड़कों से लेकर विधानसभा तक लगातार गरीबों और हाशिए पर रहने वालों की आवाज बनकर उन्होंने बिहार के विकास में एक नया अध्याय रचने का काम किया।’’

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार सरकार कर्पूरी ठाकुर के आदर्शों और उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए ‘‘कर्पूरी ठाकुर के सपनों का बिहार बनाने’’ की दिशा में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री पद पर आसीन होने के बावजूद अपनी सादगी के लिए लोकप्रिय ठाकुर अपने समय में नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव सहित उभरते समाजवादी दिग्गजों के लिए एक संरक्षक के रूप में खड़े रहे।

भाषा सुरभि नेत्रपाल

नेत्रपाल