बिहार: बांकीपुर उपचुनाव से पहले जन सुराज के कई नेता भाजपा में शामिल हुए

बिहार: बांकीपुर उपचुनाव से पहले जन सुराज के कई नेता भाजपा में शामिल हुए

बिहार: बांकीपुर उपचुनाव से पहले जन सुराज के कई नेता भाजपा में शामिल हुए
Modified Date: July 15, 2026 / 04:21 pm IST
Published Date: July 15, 2026 4:21 pm IST

(फोटो के साथ)

पटना, 15 जुलाई (भाषा) बिहार में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को झटका देते हुए पिछले वर्ष पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने वाले कई नेता बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने प्रसिद्ध गणितज्ञ प्रोफेसर के.सी. सिन्हा और कुम्हरार व दीघा विधानसभा क्षेत्रों से जन सुराज के उम्मीदवार रहे क्रमशः रितेश रंजन उर्फ बिट्टू सिंह को पार्टी की सदस्यता दिलाई।

पिछले साल विधानसभा चुनाव में मनेर सीट से जन सुराज के उम्मीदवार रहे गोपाल सिंह तथा पार्टी के किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष ब्रज किशोर सिन्हा भी भाजपा में शामिल हुए।

बांकीपुर में 30 जुलाई को होने वाले विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर का मुकाबला भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा से है।

भाजपा में शामिल होने वाले संजय सरावगी ने पटना में संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा की नीतियों से प्रेरित होकर पूरे देश में विपक्षी दलों के नेताओं के भाजपा में शामिल होने की होड़ लगी है। देशभर से लोग भाजपा से जुड़ना चाहते हैं।’’

उन्होंने कहा कि पार्टी में शामिल हुए सभी लोग लगातार संगठन के लिए काम करेंगे, जिससे भाजपा और मजबूत होगी।

प्रोफेसर के.सी. सिन्हा ने कहा कि वह शिक्षा के माध्यम से ‘‘भारत को फिर से सर्वोच्च शिखर पर पहुंचाने’’ के उद्देश्य से भाजपा में शामिल हुए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘वर्तमान परिस्थितियों में राष्ट्रहित सर्वोपरि है। दुनिया भर में युद्ध जैसे हालात के बीच केंद्र सरकार को मजबूत करने की जरूरत है, ताकि भारत की आवाज पूरी दुनिया में और बुलंद हो सके। पूरा विश्व उम्मीद भरी निगाहों से भारत की ओर देख रहा है। भारत पहले भी विश्वगुरु रहा है और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के माध्यम से उस गौरव को फिर से स्थापित करने की आवश्यकता है।’’

रितेश रंजन सिंह ने कहा कि वह ‘‘भावनाओं में बहकर’’ जन सुराज में चले गए थे, जिसके लिए वह क्षमा चाहते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि किसी को भी भावनाओं में बहकर निर्णय नहीं लेना चाहिए। मुझसे जो गलती हुई, उसके लिए मैं माफी मांगता हूं। जीना यहां, मरना यहां, इसके सिवा जाना कहां।’’

उन्होंने पुराने हिंदी फिल्म के इस गीत की पंक्ति का उल्लेख करते हुए संकेत दिया कि अब वह हमेशा भाजपा के साथ रहेंगे।

गोपाल सिंह ने भाजपा में शामिल होने को अपनी ‘‘घर वापसी’’ बताते हुए कहा कि उन्होंने 1990 के दशक में भाजपा का झंडा उठाया था और पार्टी में कई जिम्मेदारियां निभाई थीं।

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले साल जब मैंने जन सुराज के टिकट पर मनेर से चुनाव लड़ा तो महसूस हुआ कि वहां कोई स्पष्ट दृष्टि नहीं है, केवल खोखली बातें हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि अहंकारी व्यक्ति कभी किसी संगठन को नहीं चला सकता। इसी कारण हम अपने घर वापस आ गए हैं।’’

पटना के महापौर का चुनाव लड़ चुकीं विनीता बिट्टू सिंह, शिक्षाविद किशोर कुमार, सुनील यादव, राजू यादव, रंजीत सिंह, रामबाबू यादव समेत कई अन्य लोगों ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

भाषा कैलाश जोहेब

जोहेब


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