पटना, 26 सितंबर (भाषा) बिहार सरकार ने गयाजी जिले में पितृपक्ष मेले के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को बेहतर बनाने के लिए क्यूआर कोड-आधारित ‘रिस्टबैंड’ जैसी तकनीक-आधारित सुविधाएं शुरू की हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
सूचना और जनसंपर्क विभाग के एक बयान के अनुसार, बच्चों और बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को उनके परिवारों से बिछड़ने से बचाने में मदद के लिए क्यूआर कोड वाले ‘रिस्टबैंड’ (कलाई में पहनी जाने वाली पट्टी) का इस्तेमाल किया जाएगा।
बयान में कहा गया है कि रिस्टबैंड में तीर्थयात्रियों के परिवार के सदस्यों के मोबाइल नंबर और अन्य जरूरी जानकारी होगी।
बयान में कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति बिछड़ जाता है, तो परिवार के पंजीकृत सदस्यों को एक अलर्ट मैसेज भेजा जाएगा और क्यूआर कोड स्कैन करने से अधिकारियों को तीर्थयात्री को उनके रिश्तेदारों से मिलाने में मदद मिलेगी।
इसमें कहा गया है कि लापता लोगों की पहचान करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और कैमरे मदद करेंगे।
जिले में 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक गयाजी पितृपक्ष महासंगम मेला आयोजित किया जा रहा है।
मेले में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सहायता केंद्र पर गूगल अनुवाद प्रणाली की सुविधा है।
मेले के दौरान भीड़ और कानून-व्यवस्था को संभालने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का भी इस्तेमाल किया जाएगा। अगर किसी जगह पर भीड़ बढ़ती है, तो अधिकारियों को लोकेशन की जानकारी के साथ अलर्ट मिल जाएगा।
भाषा प्रशांत सुरेश
सुरेश