(Bank 5 Day Working/ Image Credit: IBC24 News)
बिजनेस: Bank 5 Day Working: बैंक कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही 5 दिन की वर्किंग डे की मांग को लेकर केंद्र सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई है। वित्त मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने बैंकों में सोमवार से शुक्रवार तक कामकाज लागू (Bank 5 Day Working) करने पर कोई औपचारिक सहमति नहीं दी है। सूत्रों का कहना है कि इस मुद्दे पर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच कोई समझौता नहीं हुआ है। बता दें कि यह बयान ऐसे समय में आया है, जब बैंक कर्मचारियों ने तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल बुलाई है।
बैंक यूनियनें लंबे समय से सप्ताह में पांच दिन काम और शनिवार-रविवार की छुट्टी की मांग कर रही हैं। अभी बैंक कर्मचारियों को आम तौर पर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश मिलता है, जबकि बाकी शनिवार को शाखाएं खुली रहती हैं। यूनियनों का तर्क है कि पांच दिन कामकाज से कर्मचारियों को बेहतर वर्क लाइफ बैलेंस मिल सकता है। लेकिन व्यवस्था में बदलाव के लिए सरकारी मंजूरी मिलना भी जरूरी है।
वित्त मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पांच दिन की वर्किंग डे (Bank 5 Day Working) को लेकर सरकार ने कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई है। सूत्रों ने यह भी कहा कि यह मुद्दा सरकार और यूनियनों के बीच हुई बातचीत का हिस्सा नहीं था। फिलहाल पांच दिन कामकाज लागू करने को लेकर कोई अंतिम सरकारी आदेश जारी नहीं हुई है। ऐसे में मौजूदा व्यवस्था में अभी कोई बदलाव नहीं माना जा सकता।
बैंक यूनियनों ने 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। 5 डे वर्किंग की मांग (Bank 5 Day Working) भी इससे जुड़े प्रमुख मुद्दों में शामिल है। हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं में सामान्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। ग्राहकों को नकद लेनदेन, चेक क्लियरेंस और शाखा से जुड़े अन्य कामों में देरी का सामना करना पड़ सकता है।
हड़ताल के दौरान ATM, UPI और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं उपलब्ध रहने की उम्मीद है, हालांकि किसी भी सेवा पर असर बैंक और परिस्थितियों पर निर्भर कर सकता है। इसलिए जरूरी बैंकिंग काम पहले पूरा करना उपयोगी रहेगा। फिलहाल 5 डे वर्किंग को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। आगे सरकार, बैंक प्रबंधन और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत से ही स्थिति साफ होगी।