पटना के पास भीड़ ने रेल यातायात बाधित किया, पुलिस ने हवा में गोली चलाई और आंसू गैस के गोले छोड़े

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पटना के पास भीड़ ने रेल यातायात बाधित किया, पुलिस ने हवा में गोली चलाई और आंसू गैस के गोले छोड़े

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  • Publish Date - June 14, 2026 / 09:12 PM IST,
    Updated On - June 14, 2026 / 09:12 PM IST

पटना, 14 जून (भाषा) प्रतियोगी परीक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में ट्रेन उपलब्ध न होने का आरोप लगाते हुए भीड़ ने पटना के बाहरी इलाके में रेलवे यातायात बाधित कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हवा में गोलियां चलाईं, आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

पाटलिपुत्र स्टेशन पर हुए उपद्रव के मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है और इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है। वहां हुई पथराव की घटना में सुरक्षाकर्मी और रेलवे अधिकारी भी घायल हो गए थे।

पूर्व मध्य जोन (जिसकी सेवाएं बिहार के बड़े हिस्से में उपलब्ध हैं) के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के प्रभारी महानिरीक्षक अमरेश कुमार के अनुसार, यह घटना आधी रात के आसपास हुई, जब ‘प्रतियोगी परीक्षाओं के छात्र होने का दावा कर रहे 200 से अधिक युवक’ पाटलिपुत्र स्टेशन पहुंचे।

आईजी ने कहा, ‘रविवार को होने वाली आबकारी विभाग की परीक्षाओं के लिए ट्रेन छात्रों को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में ले जा रही थीं। उपद्रवियों ने आरोप लगाया कि व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं हैं और वे पटरियों पर बैठ गए तथा अपने गंतव्य तक समय पर पहुंचाने के लिए एक विशेष ट्रेन की मांग करने लगे।’

आईजी रेलवे पुलिस बल और जीआरपी की टुकड़ी के साथ मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि पुलिस ने अचानक हुई भीड़ के बारे में रेलवे अधिकारियों को सूचित किया और देर रात करीब दो बजे एक विशेष ट्रेन आ भी गई।

उन्होंने बताया कि हालांकि, पटरी पर बैठे लोग हटने को तैयार नहीं हुए और जब पुलिसकर्मियों ने उन्हें हटाने की कोशिश की, तो उन्होंने पथराव शुरू कर दिया।

उन्होंने कहा, ‘कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह तीन बजे तक स्टेशन पर सामान्य स्थिति बहाल कर दी गई। अंतिम उपाय के रूप में हमें लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।’

पटना रेलवे पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आठ चक्र हवा में गोली भी चलाई गई। बयान के मुताबिक, पथराव में कई सुरक्षाकर्मी और अधिकारी घायल हुए, किसी यात्री को चोट नहीं पहुंची और रेलवे संपत्ति को भी कोई नुकसान नहीं हुआ।

आईजी ने कहा, ‘ऐसा प्रतीत होता है कि स्टेशन पर मौजूद कई युवा वास्तव में असामाजिक तत्व थे, जो समस्या उत्पन्न करना चाहते थे ताकि परीक्षाएं रद्द कर दी जाएं। उनकी हरकतों के कारण स्टेशन पर यातायात प्रभावित हुआ, जहां दो यात्री ट्रेनें और एक मालगाड़ी कई घंटों तक रुकी रहीं। पाटलिपुत्र स्टेशन से होकर गुजरने वाली अन्य ट्रेनों को सामान्य स्थिति बहाल होने तक वैकल्पिक मार्गों से चलाया गया।’

उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने पटना पुलिस से संपर्क किया है और तोड़-फोड़ में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए स्टेशन का सीसीटीवी फुटेज उनके साथ साझा किया जाएगा।

पटना जोन के आईजी जितेंद्र राणा ने पत्रकारों से कहा कि इस घटना के संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच, जब बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव से इस घटना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रतियोगी परीक्षा से ठीक पहले ऐसी घटना हुई। युवाओं को भी मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।’

भाषा

शुभम दिलीप

दिलीप