पटना, 14 जून (भाषा) सरकारी नौकरी की परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए ट्रेनों की कथित कमी को लेकर लगभग 200 लोगों ने पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर पथराव और तोड़फोड़ की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को ‘हल्का बल प्रयोग’ करना पड़ा।
हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि विद्यार्थियों के लिए ट्रेन सेवाओं का उचित इंतजाम किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि स्टेशन पर हुए ‘हंगामे’ के पीछे गलत इरादे वाले ‘असामाजिक तत्व’ हो सकते हैं।
यह घटना शनिवार रात करीब 11:45 बजे हुई, जब बड़ी संख्या में विद्यार्थी अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर जाने के लिए पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर पहुंचे थे। रविवार सुबह तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। परीक्षा 14 से 17 जून तक होगी।
पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने रविवार को पत्रकारों को बताया,‘‘पिछली रात आबकारी आरक्षी परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी बड़ी संख्या में स्टेशन पर मौजूद थे। उनमें कुछ असामाजिक तत्व भी मौजूद हो सकते हैं, जिन्होंने हंगामा करने की कोशिश की। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया। उपद्रवियों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं।’’
पटना के जिलाधिकारी एस. एम. त्यागराजन ने कहा कि संभावित मांग को देखते हुए रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों का इंतजाम किया था और वे स्टेशन पर मौजूद थीं।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन कुछ असामाजिक तत्व भीड़ में घुस गए और पथराव करने लगे। हल्का बल का प्रयोग करके उन्हें तितर-बितर कर दिया गया और शांति बहाल कर दी गई।’
पटना जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) जितेंद्र राणा ने कहा कि इस घटना में किसी को कोई गंभीर चोट नहीं आई।
उन्होंने कहा कि प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और उपद्रवियों की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
बिहार के मंत्री मदन सहनी ने इस घटना को ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ बताया और कहा कि इसकी उचित जांच की जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा पहली बार नहीं है जब इस तरह की परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। ये नियमित रूप से होती रहती हैं। लेकिन ऐसा व्यवहार उचित नहीं है। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। हो सकता है कि कुछ बाहरी लोग परीक्षार्थियों के बीच घुस गये हो। इसकी उचित जांच की जाएगी।’’
सरस्वती चंद्र ने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) संयुक्त रूप से इस मामले की जांच कर रहे हैं तथा वे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं और दोषियों की पहचान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अब स्थिति पूरी तरह सामान्य है। हमने राज्य के अलग-अलग हिस्सों के लिए अभी से आज रात तक 16 स्पेशल ट्रेनें तैयार रखी हैं।’’
हालांकि, विद्यार्थियों के एक वर्ग ने परीक्षार्थियों के लिए रेलवे की ‘खराब व्यवस्था’ को इस घटना का कारण बताया।
भोजपुर जिले के एक परीक्षार्थी ने नाम न बताने की शर्त पर आरोप लगाया कि रेलवे ने परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए थे, जो पथराव का एक कारण हो सकता है।
सहरसा जिले के एक अन्य विद्यार्थी ने बताया कि परीक्षार्थियों को ट्रेन में सवार होने से पहले कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा, जो रेलवे की खराब व्यवस्था को दर्शाता है।
सीपीआरओ ने बताया कि घटना की रात नियमित ट्रेनों के अलावा विशेष ट्रेनें भी उपलब्ध थीं।
भाषा
शुभम राजकुमार
राजकुमार