पटना, 28 सितंबर (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को अधिकारियों को अजगैबीनाथ धाम और सारण जिले के सोनपुर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजनाओं के भूमि अधिग्रहण, कनेक्टिविटी और निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा सभी प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने का निर्देश दिया।
लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में दोनों परियोजनाओं की प्रस्तुतीकरण एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट, ट्रैफिक सर्वे, मास्टर प्लान, भूमि अधिग्रहण, हवाई अड्डे की क्षमता, कनेक्टिविटी और आवश्यक आधारभूत संरचना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजना के पहले चरण में करीब 3,500 करोड़ रुपये और सोनपुर ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना के पहले चरण में 6,500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है।
दोनों परियोजनाओं को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार भूमि अधिग्रहण और कनेक्टिविटी पर होने वाला खर्च वहन करेगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि दोनों हवाई अड्डों की आधारभूत संरचना और रनवे का विकास इस तरह किया जाए कि वहां बड़े विमानों का संचालन संभव हो सके।
उन्होंने कहा कि अजगैबीनाथ धाम हवाई अड्डा विकसित होने से मुंगेर, लखीसराय, जमुई, भागलपुर, बांका, खगड़िया और बेगूसराय सहित आसपास के जिलों को बेहतर हवाई सुविधा मिलेगी। साथ ही श्रावणी मेले के दौरान देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के आवागमन में भी सुविधा होगी।
सोनपुर हवाई अड्डा परियोजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्गो सुविधा विकसित करने और यात्रियों के लिए बेहतर सड़क एवं अन्य परिवहन कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित हवाई अड्डे से बिहार के 22 जिलों के अलावा झारखंड और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों को भी लाभ मिलने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य में हवाई संपर्क, पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने, परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित समय सीमा में उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
भाषा
कैलाश रवि कांत