पटना, 26 मई (भाषा) बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के महिला प्रकोष्ठ की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रितु जायसवाल मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गईं। पटना में प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता दिलाई।
भाजपा में शामिल होने के बाद रितु ने कहा कि वह बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की कार्यशैली से नाखुश थीं और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा में शामिल होने का फैसला किया।
शपथ ग्रहण के दौरान भाजपा का नाम लेते समय रितु की जुबान लड़खड़ा गई, जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने उन्हें आगे बोलने का संकेत दिया। बाद में स्वागत भाषण के दौरान सरावगी की भी जुबान फिसल गई और उन्होंने गलती से कह दिया कि रितु “राजद में शामिल हुई हैं।” हालांकि, सरावगी ने तत्काल अपनी बात सुधारते हुए रितु के भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने की बात कही।
रितु ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि आने वाले समय में उनके पुराने वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर उन्हें निशाना बनाने की कोशिश की जा सकती है, लेकिन वह इससे भयभीत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह कभी बागी नहीं रहीं, बल्कि परिहार विधानसभा क्षेत्र की जनता ने उन्हें समर्थन दिया था और निर्दलीय चुनाव लड़ने पर भी उन्हें 65 हजार मत मिले थे।
रितु ने केंद्र सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि भाजपा राष्ट्र को सर्वोपरि मानती है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम छोर तक पहुंच रही हैं।
रितु ने कहा कि इन्हीं कार्यों से प्रभावित होकर उन्होंने भाजपा का हिस्सा बनने का फैसला किया।
राजद और तेजस्वी से जुड़े सवालों पर रितु ने कहा कि पार्टी में रोहिणी आचार्य के साथ हुए व्यवहार को सभी ने देखा है। उन्होंने कहा कि जब परिवार के भीतर ऐसा हो सकता है, तो वह तो केवल मुंहबोली बहन थीं।
रितु ने राजद नेतृत्व को सलाह देते हुए कहा कि पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करते थे और उनकी बातें सुनते थे। उन्होंने कहा कि तेजस्वी को भी अपने पिता की तरह दूर-दराज से आने वाले कार्यकर्ताओं से मिलना चाहिए और उन्हें उचित महत्व देना चाहिए।
भाषा
कैलाश पारुल
पारुल