पटना, 27 फरवरी (भाषा) बिहार विधानसभा में शुक्रवार को सीमांचल में बंदोबस्ती भूमि पर बाहरी लोगों के कब्जे खासकर किशनगंज जिले के दिघलबैंक प्रखंड में बंदोबस्ती भूमि पर बाहरी लोगों द्वारा कथित अवैध कब्जे के मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई। ठाकुरगंज के विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत गैर-सरकारी संकल्प के जवाब में उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय समिति गठित कर जांच कराने को तैयार है।
उल्लेखनीय है कि सीमांचल बिहार का उत्तर-पूर्वी क्षेत्र है, जो नेपाल और पश्चिम बंगाल की सीमा से सटा हुआ है। इसमें किशनगंज,अररिया,कटिहार और पूर्णिया जिले शामिल है।
यहां मुस्लिम आबादी का प्रतिशत राज्य के अन्य हिस्सों की तुलना में अधिक है।
अग्रवाल ने सदन में कहा कि पिछले 40 वर्षों में बिहार सरकार ने भूदान एवं लाल कार्ड के तहत स्थानीय दलित, आदिवासी तथा गरीब सूरजापुरी मुस्लिम परिवारों को बंदोबस्त की गई लगभग 90 जमीनों पर बीते 10 वर्षों के दौरान पश्चिम बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद के नाम पर आए बाहरी लोगों द्वारा कब्जा कर लिया गया है। उन्होंने इन जमीनों का भौतिक सत्यापन कर अवैध कब्जाधारियों से मुक्त कराने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि सीमावर्ती सभी जिलों में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है और इसका समाधान किया जाना चाहिए।
जवाब में उपमुख्यमंत्री सिन्हा ने कहा कि समाहर्ता, किशनगंज से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार, पश्चिम बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद के नाम पर आए बाहरी लोगों द्वारा भूमि कब्जे का कोई विशिष्ट मामला प्रकाश में नहीं आया है।
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि बंदोबस्ती भूमि के अवैध हस्तांतरण या खरीद-बिक्री के मामले सामने आते हैं तो संबंधित क्रेता के नाम कायम जमाबंदी रद्द कर दी जाती है और बंदोबस्तदार के नाम की बंदोबस्ती विधिवत निरस्त कर दी जाती है। ऐसी स्थिति में भूमि पुनः सरकार के अधिकार में चली जाती है।
सिन्हा ने सदन में कहा कि यदि सदस्य ठोस साक्ष्य उपलब्ध कराते हैं तो राज्य सरकार उच्च स्तरीय समिति का गठन कर पूरे मामले की व्यापक जांच कराएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में गरीबों की बंदोबस्ती भूमि पर बाहरी लोगों का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस क्रम में उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि केंद्रीय स्तर पर भी इस विषय को गंभीरता से लिया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सीमांचल के विभिन्न जिलों में भूमि संबंधी विवादों की रोकथाम एवं समाधान के लिए प्रयासरत हैं। इसके लिए प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर सतत कार्रवाई की जा रही है।
भाषा कैलाश संतोष
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