पटना, 23 मार्च (भाषा) मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार दिवस के अवसर पर राज्य के लोगों के प्रति आत्मीय भावना व्यक्त करने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार प्रकट किया है।
रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्यवासियों को शुभकामनाएं देते हुए राज्य की ऐतिहासिक विरासत तथा विकास यात्रा की सराहना की थी।
कुमार ने सोमवार को प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि बिहार दिवस पर दी गई शुभकामनाओं के लिए वह हृदय से उनके प्रति आभारी हैं और प्रधानमंत्री के शब्दों से बिहार के प्रति उनका लगाव एवं विश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के बयान अनुसार कुमार ने पत्र में कहा कि 22 मार्च 1912 को बंगाल से अलग होकर बिहार एवं उड़ीसा राज्य अस्तित्व में आया था, इसलिए इसी दिन को बिहार दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने कहा कि 2010 में पहली बार बिहार दिवस का आयोजन किया गया और तब से लगातार 22 मार्च को बिहार दिवस मनाया जा रहा है।
बिहार की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 2012 को बिहार शताब्दी वर्ष के रूप में मनाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का इतिहास गौरवशाली रहा है और भारत के इतिहास में इसे शक्ति, संस्कृति और शिक्षा के प्रतीक के रूप में जाना जाता है।
उन्होंने बिहार को ज्ञान की भूमि और विभिन्न धर्मों का केंद्र बताते हुए कहा कि यहां भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ, भगवान महावीर का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और निर्वाण भी इसी धरती पर हुआ।
उन्होंने कहा कि सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव यहां आए थे और गुरु गोविंद सिंह का जन्म भी बिहार में हुआ।
कुमार ने कहा कि 2017 में गुरु गोविंद सिंह की 350 वीं जयंती का भव्य आयोजन किया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री की उपस्थिति ने उत्साह बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘बिहार शक्तिशाली मौर्य साम्राज्य का केंद्र रहा है। इसी धरती पर चाणक्य ने अर्थशास्त्र की रचना की। आर्यभट्ट ने शून्य का आविष्कार किया। नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालय प्राचीनकाल में विश्व के प्रमुख ज्ञान केंद्र थे।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के इतिहास में महात्मा गांधी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, लोकनायक जयप्रकाश नारायण और जननायक कर्पूरी ठाकुर का अतुलनीय योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कर्पूरी ठाकुर को ‘भारत रत्न’ दिया जाना वंचित वर्गों के लिए सकारात्मक संदेश है।
उन्होंने कहा कि 2005 से राज्य में कानून का राज स्थापित करते हुए न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर काम किया गया है तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क और अन्य आधारभूत संरचनाओं का विस्तार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए पंचायतों और नगर निकायों में 50 प्रतिशत तथा सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने पत्र के अंत में प्रधानमंत्री के स्वस्थ जीवन और उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।
मोदी ने अपने पत्र में कहा था कि ज्ञान, लोकतांत्रिक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों में बिहार का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा था कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सुशासन, स्थिरता और प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने लिखा था कि बिहारवासियों ने अपनी मेहनत, ईमानदारी और प्रतिभा के दम पर देश और दुनिया में अलग पहचान बनाई है। उन्होंने विश्वास जताया था कि बिहारवासी आगे भी अपने परिश्रम और कौशल से देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे।
भाषा कैलाश
राजकुमार
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