पटना, 24 मार्च (भाषा) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को दावा किया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राज्यसभा जाने की “कोई इच्छा नहीं” थी, लेकिन सहयोगी भाजपा के दबाव में उन्हें ऐसा करना पड़ा, जो जदयू को “खत्म” करना चाहती है।
यादव ने कहा कि जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के बावजूद अब पार्टी का संचालन उनके हाथ में नहीं है, बल्कि एक ऐसा समूह इसे चला रहा है जो भाजपा के साथ मिला हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया, “हम लगातार कहते रहे हैं कि भाजपा जदयू को खत्म करना चाहती है। इसी रणनीति के तहत नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजा गया। वह मुख्यमंत्री पद छोड़ना नहीं चाहते थे।”
यादव से राजद के पूर्व विधायक मुकेश रौशन के उस आरोप के बारे में भी पूछा गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि छत्तीसगढ़ की अदालत ने बिहार के मंत्री संजय कुमार सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
यादव ने कहा, ‘सरकार को इन आरोपों की गंभीरता से जांच करनी चाहिए। मंत्री को राज्य की जनता को स्पष्टीकरण भी देना होगा।’
सिंह ने पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनावों में रौशन से महुआ सीट छीन ली थी।
यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस अपील का भी उपहास किया जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के मद्देनजर कोविड-19 महामारी की तरह ही देश को ‘सतर्क और तैयार’ रहने को कहा था।
यादव ने तंज कसते हुए कहा, ‘उनकी सरकार को ही सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि वह हर संकट को कुप्रबंधित करने में माहिर है, चाहे वह नोटबंदी हो या महामारी।’
भाषा
राखी रंजन
रंजन