पटना, छह अक्टूबर (भाषा) बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार को निर्वाचन आयोग द्वारा दो चरणों में मतदान की घोषणा के साथ ही राज्य में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला तय हो गया।
पहले चरण के लिए छह नवंबर को और दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को मतदान होगा जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी।
राज्य की 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए इस बार 7.42 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।
वर्तमान विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास सबसे अधिक 80 विधायक हैं जबकि उसकी सहयोगी जदयू के पास 45 विधायक हैं।
केंद्र सरकार में मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के चार विधायकों के समर्थन से राजग का कुल आंकड़ा 129 पर पहुंचता है, जो122 के बहुमत के आंकड़े से ऊपर है।
वहीं विपक्षी गठबंधन इंडिया (जिसमें राजद, कांग्रेस और वामदलों शामिल हैं) के पास फिलहाल 112 विधायक हैं, जो बहुमत से 10 सीट कम हैं।
भाजपा ने 2020 के विधानसभा चुनाव में 74 सीट पर जीत हासिल की थीं लेकिन बाद में कुछ विधायकों के दल बदलने और उपचुनाव में जीत के कारण पार्टी के विधायकों की संख्या बढ़ गयी।
वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 53 सीटें मिली थीं जबकि जदयू ने 71 सीट पर जीत हासिल की थीं।
वर्ष 2010 में जदयू अकेले115 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी।
राजद, 2020 के विधानसभा चुनाव में 75 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई थी और बाद में एआईएमआईएम के चार विधायक राजद में शामिल हो गए थे हालांकि उपचुनावों में पार्टी को कुछ सीट का नुकसान भी हुआ था।
राजद ने 2015 में 80 और 2010 में 22 सीट पर जीत हासिल की थी।
कांग्रेस को 2020 में 19 सीट पर सफलता मिली थी जबकि पार्टी को 2015 में 27 और 2010 के विधानसभा चुनाव में चार सीट पर जीत मिली थी।
भाषा कैलाश जितेंद्र
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