High Court Judgement: 'पति-पत्नी एक दूसरे को गाली-गलौज करते हैं तो ये क्रूरता नहीं' होईकोर्ट ने माफ की पति की सजा | Husband Wife Can Abuse Eatch Other says High Court

High Court Judgement: ‘पति-पत्नी एक दूसरे को गाली-गलौज करते हैं तो ये क्रूरता नहीं’ होईकोर्ट ने माफ की पति की सजा

पति-पत्नी एक दूसरे को गाली-गलौज करते हैं तो ये क्रूरता नहीं' होईकोर्ट ने माफ की पति की सजा Husband Wife Can Abuse

Edited By :   Modified Date:  March 30, 2024 / 03:43 PM IST, Published Date : March 30, 2024/3:43 pm IST

पटना: Husband Wife Can Abuse  आज कल रिश्ते जितनी जल्द जुड़ते हैं उतनी ही तेजी से टूटने भी लगे हैं। इसका ताजा उदाहरण रोजाना कोर्ट में देखा जा सकता है, ​फैमिली कोर्ट में रोजाना पति-पत्नी के झगड़े से जुड़े मामले दर्ज हो रहे हैं। ऐसे ही एक मामले की सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने अहम फैसला दिया है। मामले में कोर्ट ने आरोपी पति की सजा माफ करते हुए पत्नी की याचिका को खारिज कर दिया है। मामले में सुनवाई जस्टिस विवेक चौधरी की सिंगल बेंच में हुई।

Read More: Khargone News : खरगोन में रंगपंचमी पर निकली रंगारंग गेर, हजारों शहरवासी हुए शामिल, नहीं दिखा कोई भी जनप्रतिनिधि, जानें वजह

Husband Wife Can Abuse  मामले में सुनवाई करते हुए जस्टिस विवेक चौधरी ने कहा कि पत्नी को भूत-पिशाच कहना क्रूरता की श्रेणी में नहीं आता है। उन्होंने ये भी कहा कि वैवाहिक संबंधों में, खासकर असफल वैवाहिक संबंधों में, ऐसी घटनाएं होती हैं जहां पति और पत्नी दोनों एक-दूसरे के साथ गंदी भाषा का प्रयोग करते हैं और एक-दूसरे से गाली-गलौज करते हैं। इसलिए, ऐसे आरोप क्रूरता के दायरे में नहीं आ सकते हैं।

Read More: Mahi Shrivastava New Song: ‘मेहर से रंगदारी पड़ जाई भारी’ माही श्रीवास्तव के नए गाने ने काटा बवाल, Youtube ताबड़तोड़ हो रहा वायरल

बताया गया कि मामले में नालंदा जिले की अदालत के अतिरिक्त न्यायाधीश ने पति को दोषी करार दिया था। इसके बाद आरोपी पति ने सीजेएम का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन यहां उसे राहत नहीं मिली। फिर पति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पति को दोष मुक्त कर दिया।

Read More: Nawab Malik Hospitalised: अचानक बिगड़ी पूर्व मंत्री की तबीयत, इलाज के लिए ले जाया गया अस्पताल

हाई कोर्ट ने मामले में प्रतिवादी पत्नी के उन आरोपों को भी खारिज कर दिया कि उसने पति की यातना के बारे में अपने पिता को कई चिट्ठी लिखकर इसकी शिकायत की थी। जब अदालत ने इस के सबूत मांगे तो प्रतिवादी उसे नहीं पेश कर सकी। कोर्ट ने दहेज के मामले में भी महिला के उस आरोप को खारिज कर दिया कि उसके पति ने दहेज में कार की मांग की थी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी पति और उसके परिजनों पर लगाए गए आरोप विशिष्ट नहीं हैं।

Read More: Chaitra Navratri 2024: नवरात्रि में इन कामों को करने से माता रानी होती है नाराज, भूल से भी न करें ये गलती 

 

 

देश दुनिया की बड़ी खबरों के लिए यहां करें क्लिक

Follow the IBC24 News channel on WhatsApp

 

 
Flowers