पटना, आठ मई (भाषा) भारत सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय के विशेष सचिव के के पाठक ने बिहार में नियम-कानूनों को सरल बनाने से जुड़े ‘डीरेगुलेशन चरण-दो’ के तहत लंबित सभी मामलों को अगले 15 दिनों के भीतर निपटाकर पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पाठक ने शुक्रवार को यहां राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ निवेश को बढ़ावा देने, व्यापार सुगमता में सुधार लाने और पुराने पड़ चुके कानूनों को समाप्त करने के उद्देश्य से ‘डीरेगुलेशन चरण-एक’ और ‘चरण-दो’ की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक की अध्यक्षता बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की।
पाठक ने कहा कि व्यावसायिक कानूनों के तहत छोटी तकनीकी चूकों के लिए कारावास जैसे कठोर प्रावधानों को हटाकर उन्हें अर्थदंड में बदलने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
विशेष सचिव ने कहा कि यदि कोई सुधार एक से अधिक विभागों से संबंधित है तो कैबिनेट सचिवालय विभाग समन्वय की भूमिका निभाए, ताकि फाइलें लंबित न रहें। उन्होंने सभी विभागीय नोडल अधिकारियों को प्रत्येक शुक्रवार प्रगति रिपोर्ट कैबिनेट सचिवालय को भेजने का निर्देश दिया।
पाठक ने राज्य के सभी विभागों को अपने कार्यक्षेत्र में अनावश्यक अनुपालन बोझ (कम्प्लायंस बर्डन) कम करने और चरण-दो के तहत चिन्हित सुधारों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा।
बैठक में बुनियादी ढांचे के विकास में सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय भवन संहिता (एनबीसी) 2026 के नए मानकों को राज्य के भवन उपविधियों (बिल्डिंग बायलॉज) में शामिल करने पर भी चर्चा हुई।
राज्य में शहरी नियोजन को आधुनिक बनाने के लिए ‘फ्लोर एरिया रेशियो’ (एफएआर) के नियमों को तर्कसंगत बनाने तथा सरकारी संपत्तियों के कुशल प्रबंधन के लिए ‘टोटल फैसिलिटी मैनेजमेंट’ (टीएफएम) मॉडल अपनाने के निर्देश दिए गए।
विशेष सचिव ने कहा कि अनावश्यक नियम निवेश के मार्ग में बाधा बनते हैं। उन्होंने विभागों को ऐसे सभी नियमों, रिटर्न और रजिस्टरों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया जिन्हें समाप्त किया जा सकता है।
उन्होंने बिहार द्वारा अब तक की गई प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा कि राज्य को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाने के लिए केंद्र सरकार हरसंभव सहयोग देगी।
बैठक में मुख्य सचिव ने सभी स्वीकृतियों के लिए ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ और ‘स्व-प्रमाणीकरण’ व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू करने पर जोर दिया, ताकि मानवीय हस्तक्षेप को कम किया जा सके। उन्होंने सभी विभागों को ‘मिशन मोड’ में काम करने का निर्देश दिया।
बैठक में वित्त, उद्योग, नगर विकास, भवन निर्माण तथा अन्य संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
भाषा कैलाश
राजकुमार
राजकुमार