बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ने के विरोध में राजद का मार्च

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बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ने के विरोध में राजद का मार्च

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  • Publish Date - January 21, 2026 / 09:26 PM IST,
    Updated On - January 21, 2026 / 09:26 PM IST

पटना, 21 जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बिहार में महिलाओं के खिलाफ कथित तौर पर बढ़ते अपराधों के विरोध में बुधवार को पटना में मार्च निकाला और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा गृह विभाग का प्रभार संभाल रहे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग की।

राजद का यह मार्च ऐसे समय में आयोजित किया गया जब कुछ दिन पहले पटना में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारी करने वाली 18 वर्षीय एक छात्रा के अलावा एक स्कूली छात्रा मृत पाई गई थी।

राजद के महिला प्रकोष्ठ की सदस्य हाथों में पोस्टर और चूड़ियां लेकर वीरचंद पटेल पथ स्थित पार्टी कार्यालय से इनकम टैक्स चौराहा तक मार्च करती हुई पहुंचीं।

राजद की महिला नेताओं ने दोनों मामलों का हवाला देते हुए राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ने का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री तथा उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की।

राजद महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष अनीता भारती ने संवाददाताओं से कहा, “बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और राज्य सरकार इन्हें रोकने में पूरी तरह विफल रही है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के शासनकाल में बिहार में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। राजग के नेता अपराधियों और माफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “यह चौंकाने वाली बात है कि राज्य की राजधानी में भी महिलाएं और बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। असंवेदनशील मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।”

जहानाबाद की रहने वाली 18 वर्षीय नीट अभ्यर्थी अपने छात्रावास के कमरे में अचेत अवस्था में पाई गई थी। कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके साथ यौन उत्पीड़न की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

इस बीच, बिहार राज्य महिला आयोग (बीएसडब्ल्यूसी) ने पटना के जिलाधिकारी से राजधानी में लड़कियों के छात्रावासों के पंजीकरण से जुड़े मौजूदा नियमों और अन्य दिशानिर्देशों का विवरण मांगा है।

बीएसडब्ल्यूसी की अध्यक्ष अप्सरा ने संवाददाताओं से कहा, “पटना में लड़कियों के छात्रावासों से जुड़ी हालिया घटनाएं चिंता का विषय हैं। मैंने पटना के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर राजधानी में लड़कियों के छात्रावासों से संबंधित दिशानिर्देशों का विवरण मांगा है। यह जांचना होगा कि नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।”

भाषा

कैलाश

रवि कांत