Mannu Kumar Murder Case Rohtas / Image Source : x
रोहतास: बिहार के रोहतास ज़िले में सात साल पहले हुए चर्चित मन्नु कुमार हत्याकांड में जिला जज-4 अनिल कुमार की अदालत ने फैसला सुना दिया है। अदालत ने मन्नु कुमार की प्रेमिका, उसके पति, भाई और पिता समेत कुल चारों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 5-5 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। बुधवार को आए इस फैसले की जानकारी गुरुवार को सरकारी वकील ने दी है।
दरअसल, यह पूरा मामला सात साल पहले मार्च 2019 का है। मन्नु कुमार को उसकी प्रेमिका ने मिलने बुलाया था, जब मन्नु वहाँ पहुँचा तो सभी आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी। Rohtas Court Verdict आरोपियों ने उसका पेट चाकू से फाड़ दिया और फिर उसके प्राइवेट पार्ट को भी काट दिया था। इतना ही नहीं, आरोपियों ने गुप्तांग को काटकर सरसों के पौधे पर लटका दिया था। इस पूरे मामले में अब सात साल बाद सुमन देवी, दूधेश्वर चौधरी, फूलचंद चौधरी और प्रकाश चौधरी उर्फ प्रभाकर को सजा मिली है, जो भगवानपुर गांव के निवासी हैं।
वारदात के बाद मृतक मन्नु के पिता ने अगरेर थाने में न्याय की गुहार लगाते हुए प्राथमिकी (कांड संख्या 23/2019) दर्ज कराई थी। Mannu Kumar Murder Case इस संवेदनशील मामले का ट्रायल जिला जज-4 की अदालत में चला। अपर लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह ने कोर्ट में पक्ष रखते हुए बताया कि यह हत्या 5 मार्च 2019 को हुई थी। घटना वाले दिन शाम करीब 7:20 बजे मन्नु भोजन करने के बाद घर से टहलने निकला था, लेकिन जब वह देर रात तक वापस नहीं आया तो परिजनों की चिंता बढ़ गई।
परिजनों ने पूरी रात मन्नु की तलाश की, मगर उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। अगली सुबह गांव के खेत में मन्नु का शव मिला। Bihar Crime News, मन्नु के शरीर और सिर पर गहरे निशान थे। इस मामले में कुल 9 गवाहों की गवाही दर्ज कराई गई थी। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया।
जांच में सामने आया कि यह पूरी वारदात प्रेम प्रसंग और अवैध संबंधों के कारण अंजाम दी गई थी। सुमन वारदात से दो दिन पहले ही प्रयागराज से अपने मायके आई थी और उसने 4 मार्च की शाम मन्नु को फोन करके बुलाया। मन्नु उससे मिलने गया लेकिन उसकी हत्या कर दी गई। 9 गवाहों की गवाही और ठोस सबूतों को आधार मानते हुए पूरे परिवार को दोषी करार दिया।