पटना, 23 जनवरी (भाषा) बिहार सरकार में मंत्री मंगल पांडेय ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की आत्महत्याओं के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को जिम्मेदार ठहराया और दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ममता बनर्जी की “घुसपैठियों की सरकार” की जगह अपनी सरकार बनाएगी।
पांडेय, पश्चिम बंगाल के लिए भाजपा के प्रभारी हैं।
पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया जारी है, जहां कुछ महीनों में 294 सदस्यीय विधानसभा का चुनाव होना है।
एसआईआर से जुड़े कार्य के कथित दबाव की वजह से कई बीएलओ ने कथित तौर पर आत्महत्या की है।
पांडेय ने संवाददाताओं से बात करते हुए आरोप लगाया, “ममता दीदी पूरे सरकारी तंत्र को झोंककर और अधिकारियों को टीएमसी के फायदे में काम करने के लिए मजबूर कर एसआईआर प्रक्रिया को रोकने की कोशिश कर रही हैं।”
स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में बीएलओ ममता बनर्जी शासन द्वारा बनाए गए अनुचित दबाव के कारण आत्महत्या कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हमने एसआईआर कार्य से जुड़े लोगों की आत्महत्याओं की खबरें सुनी हैं। टीएमसी के सदस्य उन पर गलत काम करने का दबाव डालते हैं और जब कोई अधिकारी या बीएलओ इनकार करता है तो नेता इतना दबाव बनाते हैं कि वे ऐसे कठोर कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं।”
पांडेय ने दावा किया है कि एसआईआर से जुड़ी चिंता के कारण 110 लोगों की जान गई है, जिनमें आत्महत्याएं भी शामिल हैं और इसी वजह से रोजाना तीन से चार लोगों की मौत हो रही है।
मंत्री ने ममता बनर्जी पर “अराजकता फैलाने और सड़कों पर नाटक करने” का आरोप लगाते हुए कहा कि बांग्लादेश से लोगों को वोट देने के लिए पश्चिम बंगाल लाया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “घुसपैठियों की यह सरकार अब नहीं चलेगी। पश्चिम बंगाल की जनता अपने अधिकार और सत्ता छिनकर घुसपैठियों को नहीं सौंपने देगी।”
पांडेय ने दावा किया कि भाजपा पड़ोसी राज्य में विधानसभा चुनाव में टीएमसी को हराकर सरकार बनाएगी।
मंत्री ने कहा, “जब वहां ‘डबल इंजन’ की सरकार बनेगी, तो विकास उसी तरह तेज होगा जैसा भाजपा व उसके सहयोगियों द्वारा शासित अन्य राज्यों में हुआ है।” भाजपा नेता ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शुरुआती वर्षों में चाय बेचने के पेशे पर सवाल उठाए जाने की भी आलोचना की। खरगे ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय मनरेगा श्रमिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था, “वह (नरेन्द्र मोदी) केवल वोट बटोरने के लिए कहते हैं कि ‘मैं चायवाला हूं’।” पांडेय ने तंज कसते हुए कहा, “कांग्रेस अध्यक्ष होने के बावजूद मल्लिकार्जुन खरगे जी स्वतंत्र रूप से फैसले नहीं ले सकते। वे चांदी के चम्मच लेकर पैदा हुए लोगों या विदेश में जन्में उन लोगों के इशारों पर चलते हैं, जो अब भारतीय राजनीति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गरीबी से निकले हैं और गरीबों का दर्द समझते हैं।
पांडेय ने कहा, “वह (मोदी) गरीबों के नेता बन चुके हैं, जो उनके दुख दूर करने के लिए काम करते हैं। मल्लिकार्जुन खरगे जी और उनकी पार्टी के सदस्य सभी अरबपति हैं। उन्हें चाय बेचने, केतली उठाने या किसी गरीब परिवार के संघर्ष का दर्द क्या पता?”
भाषा कैलाश जितेंद्र
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