Ration Card Rule Change: 7 लाख से ज्यादा परिवारों को नहीं मिलेगा राशन, नए कार्ड के लिए अब ये लोग भी कर सकेंगे आवेदन, सरकार ने PDS सिस्टम में किया बड़ा बदलाव

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7 लाख से ज्यादा परिवारों को नहीं मिलेगा राशन, नए कार्ड के लिए अब ये लोग भी कर सकेंगे आवेदन, Delhi Govt Change Rule of Making Ration Card

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  • Publish Date - May 21, 2026 / 07:52 PM IST,
    Updated On - May 21, 2026 / 07:52 PM IST

नई दिल्ली। Ration Card Rule Change अगर आप देश की राजधानी दिल्ली में रहते हैं और आप राशनकार्ड बनवाना चाहते हैं तो यह आपके लिए ही है। दरअसल, दिल्ली सरकार राशन कार्ड व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को ऐलान किया कि अब राशन कार्ड बनवाने के लिए आय सीमा बढ़ाई जाएगी। सरकार इसे बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये सालाना करने जा रही है, ताकि ज्यादा जरूरतमंद परिवार योजना का लाभ उठा सकें।

Ration Card Rule Change मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे पहले आय सीमा एक लाख रुपये से बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये की गई थी। अब कैबिनेट स्तर पर इस सीमा को ढाई लाख रुपये करने पर चर्चा हो चुकी है और जल्द ही इसे मंजूरी दी जाएगी। सरकार ने राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऑनलाइन करने का फैसला लिया है। अब नए राशन कार्ड के लिए आवेदन केवल डिजिटल माध्यम से ही किए जा सकेंगे। सरकार का कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जी कार्ड बनने पर रोक लगेगी।

रद्द हुए 7.72 लाख राशन कार्ड

इधर, राशन कार्डों की जांच में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आने के बाद सरकार ने कार्रवाई भी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री के मुताबिक जांच के दौरान 7.72 लाख राशन कार्ड रद्द किए गए हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी जो तय आय सीमा से ज्यादा कमाई कर रहे थे। कई लोग लंबे समय से राशन नहीं ले रहे थे, जबकि हजारों कार्ड डुप्लीकेट पाए गए। मृत लोगों के नाम पर भी राशन कार्ड चलने की बात सामने आई है। दिल्ली सरकार का कहना है कि पिछले 13 सालों से नए राशन कार्ड जारी नहीं किए गए थे, जिसके कारण कई पात्र परिवार योजना से बाहर रह गए। अब नए आवेदन शुरू कर पात्र लोगों को जोड़ा जाएगा।

अब बिना बायोमेट्रिक सत्यापन के राशन नहीं मिलेगा

राशन वितरण प्रणाली में भी बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। सरकार ने साफ किया है कि अब बिना बायोमेट्रिक सत्यापन के राशन नहीं मिलेगा। राशन दुकानों पर ई-वेइंग मशीनें लगाई जा रही हैं ताकि कम तौल और गड़बड़ी की शिकायतों को रोका जा सके। सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था से खाद्य वितरण प्रणाली ज्यादा पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।