नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण के लिए बस्तर के वनांचल क्षेत्र में नक्सली घटना के बावजूद दोपहर तीन बजे तक 30 प्रतिशत से अधिक मतदान हुए थे। वहीं, ओडिशा के 6 मतदान केंद्रों में नक्सलियों की दहशत में एक भी मतदाता वोटिंग के लिए नहीं पहुंचे। बताया जा रहा है कि सुबह से निर्वाचन दल के अधिकारी बूथ केंद्रों में पहुच गए थे, लेकिन नक्सलियों की धमकी के चलते एक भी ग्रामीण वोटिंग के लिए नहीं आए।
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दूसरी ओर बस्तर के दंतेव़ाड़ा इलाके में भी मतदान के लिए लोगों में उत्साह देखा गया है। जबकि दो दिन पहले हुए नक्सली घटना में दंतेवाड़ा विधायक भीमा मंडावी की मौत हो गई थी और 4 जवान शहीद हो गए थे। मंडावी के परिजनों ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया और लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया।
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गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव 2019 के आगाज के साथ ही इलाके के नक्सलियों ने चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किया था। साथ ही उन्होंने चुनाव को प्रभावित करने और लोगों के दिलों में दहशत पैदा करने के लिए कई घटनाओं को अंजाम दिया और पर्चे फेंककर फरमान भी जारी किया।
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