Anil Menon ISS Live Video: भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन की ऊंची उड़ान.. इंटरनेशनल स्पेस सेंटर के लिए हुए रवाना, धरती से 400 किमी ऊपर बिताएंगे इतने दिन, देखें वीडियो

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Indian-origin astronaut Anil Menon embarks on ISS mission: भारतीय मूल के अनिल मेनन पहली बार आईएसएस मिशन पर रवाना, आठ महीने अंतरिक्ष में वैज्ञानिक अनुसंधान करेंगे।

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  • Publish Date - July 15, 2026 / 08:24 AM IST,
    Updated On - July 15, 2026 / 08:25 AM IST

Indian-origin astronaut Anil Menon embarks on ISS mission || Image- Business Line FILE

HIGHLIGHTS
  • अनिल मेनन पहली बार अंतरिक्ष रवाना।
  • आठ महीने आईएसएस पर करेंगे मिशन।
  • भारतीय बच्चों की चित्रकृतियां भी अंतरिक्ष पहुंचीं।

वॉशिंगटन: भारतीय मूल के नासा के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन मंगलवार को पहली बार अंतरिक्ष की यात्रा पर रवाना हो गए। (Indian-origin astronaut Anil Menon embarks on ISS mission) वह दो रूसी अंतरिक्ष यात्रियों प्योत्र डुब्रोव और अन्ना किकिना के साथ सोयूज MS-29 अंतरिक्ष यान से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए रवाना हुए। यह मिशन करीब आठ महीने का होगा।

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तीन घंटे में पहुंचेगा अंतरिक्ष स्टेशन

सोयूज MS-29 ने कजाकिस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से उड़ान भरी। यह यान करीब तीन घंटे में पृथ्वी के दो चक्कर लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ जाएगा। नासा के अनुसार, यह अनिल मेनन की पहली अंतरिक्ष यात्रा है, जबकि उनके साथ गए दोनों रूसी अंतरिक्ष यात्री दूसरी बार अंतरिक्ष मिशन पर हैं।

वैज्ञानिक प्रयोग और नई तकनीकों पर होगा काम

ISS पहुंचने के बाद अनिल मेनन वहां पहले से मौजूद अंतरराष्ट्रीय दल के साथ जुड़ेंगे। मिशन के दौरान वह वैज्ञानिक अनुसंधान और नई तकनीकों के परीक्षण पर काम करेंगे। (Indian-origin astronaut Anil Menon embarks on ISS mission) इन प्रयोगों का उद्देश्य भविष्य के मानव अंतरिक्ष अभियानों को बेहतर बनाना और ऐसी तकनीक विकसित करना है, जिससे पृथ्वी पर भी लोगों को लाभ मिल सके। तीनों अंतरिक्ष यात्रियों की पृथ्वी पर वापसी अप्रैल 2027 में होगी।

भारतीय मूल से है खास जुड़ाव

49 वर्षीय अनिल मेनन का जन्म अमेरिका के मिनियापोलिस में भारतीय और यूक्रेनी मूल के माता-पिता के घर हुआ था। वह पेशे से इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञ और अमेरिकी स्पेस फोर्स में कर्नल हैं। उन्होंने 2014 में नासा में फ्लाइट सर्जन के रूप में काम शुरू किया था और दिसंबर 2021 में नासा के अंतरिक्ष यात्री चुने गए। अनिल मेनन ने भारत में पोलियो टीकाकरण अभियान से जुड़े कार्यों में भी सहयोग किया था। उनका पैतृक संबंध केरल के पलक्कड़ जिले से है और वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सर सी. शंकरन नायर के परपोते हैं।

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भारतीय बच्चों की चित्रकृतियां भी पहुंचेंगी अंतरिक्ष

इस मिशन की एक खास बात यह भी है कि सोयूज रॉकेट के साथ भारतीय स्कूली बच्चों द्वारा बनाई गई कुछ चित्रकृतियां भी अंतरिक्ष भेजी गई हैं। (Indian-origin astronaut Anil Menon embarks on ISS mission) वहीं, अनिल मेनन की इस उपलब्धि पर केरल सहित देशभर में खुशी जताई गई है। केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर और अन्य नेताओं ने उन्हें इस ऐतिहासिक मिशन के लिए बधाई दी है।

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अनिल मेनन किस मिशन पर रवाना हुए हैं?

उत्तर: वह सोयूज एमएस-29 से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के आठ महीने के मिशन पर रवाना हुए हैं।

अनिल मेनन अंतरिक्ष में क्या काम करेंगे?

उत्तर: वह वैज्ञानिक अनुसंधान, नई तकनीकों का परीक्षण और भविष्य के मानव अंतरिक्ष अभियानों से जुड़े प्रयोग करेंगे।

इस मिशन की खास बात क्या है?

उत्तर: अनिल मेनन की पहली अंतरिक्ष यात्रा के साथ भारतीय स्कूली बच्चों की चित्रकृतियां भी अंतरिक्ष भेजी गई हैं।