Iranian President Latest Tweet || Image- ANI News File
तेहरान: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने अपने एक ताजा ट्वीट से संकेत दिया है कि तेहरान अमेरिका के साथ किसी समझौते पर पहुँचने के लिए तैयार है, बशर्ते वाशिंगटन “अपनी तानाशाही छोड़ दे” और ईरानी लोगों के अधिकारों का सम्मान करे।
X पर एक पोस्ट में, पेज़ेशकियान ने कहा, “अगर अमेरिकी सरकार अपनी तानाशाही छोड़ देती है और ईरानी राष्ट्र के अधिकारों का सम्मान करती है, तो समझौते तक पहुँचने के रास्ते निश्चित रूप से मिल जाएँगे। (Iranian President Latest Tweet) मैं बातचीत करने वाली टीम के सदस्यों, विशेष रूप से मेरे प्यारे भाई, डॉ. ग़ालिबफ़ की सराहना करता हूँ और कहता हूँ, ‘ईश्वर आपको शक्ति दे।'”
Masoud Pezeshkian, President of Iran, tweets, “If the American government abandons its totalitarianism and respects the rights of the Iranian nation, ways to reach an agreement will certainly be found. I commend the members of the negotiating team, especially my dear brother… pic.twitter.com/YCczTssDP5
— ANI (@ANI) April 12, 2026
इसके अलावा उन्होंने इस्लामाबाद में बातचीत नाकाम होने को लेकर कहा कि, “इस्लामाबाद वार्ता ‘कोई घटना नहीं, बल्कि एक प्रक्रिया है’। इस्लामाबाद वार्ता ने एक ऐसी कूटनीतिक प्रक्रिया की नींव रखी है, जो अगर विश्वास और इच्छाशक्ति को मज़बूत किया जाए, तो सभी पक्षों के हितों के लिए एक टिकाऊ ढाँचा तैयार कर सकती है। मैं मित्र और भाईचारे वाले देश पाकिस्तान, विशेष रूप से महामहिम प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के प्रति, इन वार्ताओं के लिए सद्भावना और अच्छे प्रयासों की पहल करने हेतु अपना आभार व्यक्त करना चाहूँगा।”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक लंबी पोस्ट लिखकर ईरान के खिलाफ कड़े सैन्य कदम उठाने का एलान किया है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अब अमेरिकी नौसेना होर्मुज स्ट्रेट में आने-जाने वाले जहाजों की कड़ी निगरानी करेगी। उन्होंने कहा कि जो भी जहाज ईरान को किसी भी तरह का अवैध टोल या पैसा देंगे, उन्हें रोका जाएगा और समुद्र में सुरक्षित रास्ता नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही अमेरिका वहां बिछाई गई समुद्री माइंस (बारूदी सुरंगों) को हटाने की कार्रवाई भी शुरू करेगा। ट्रंप ने सीधी चेतावनी दी कि जो भी अमेरिकी सेना या शांतिपूर्ण जहाजों पर हमला करेगा, उसे खत्म कर दिया जाएगा।
ट्रंप ने बताया कि जल्द ही होर्मुज की नाकाबंदी शुरू होगी और इस अभियान में कई अन्य देश भी अमेरिका का साथ देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ने पहले इस समुद्री रास्ते को खुला रखने का वादा किया था, लेकिन उसे पूरा नहीं किया। इसी वजह से दुनिया के कई देशों को आर्थिक नुकसान और डर का सामना करना पड़ रहा है। ट्रंप का मानना है कि ईरान इस जबरन वसूली के जरिए पैसा और परमाणु शक्ति हासिल करना चाहता है, जिसे अमेरिका किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगा।
इस तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद में करीब 20 घंटे तक लंबी बातचीत चली, जिसमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और जेरेड कुशनर शामिल थे। US Iran Conflict 2026 ट्रंप ने इस बातचीत में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख की भूमिका की तारीफ की। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि कई मुद्दों पर सहमति बनने के बावजूद सबसे अहम मुद्दा, यानी ईरान का परमाणु कार्यक्रम, अनसुलझा रह गया। ईरान परमाणु हथियार बनाने की जिद छोड़ने को तैयार नहीं है, जिसे ट्रंप ने अमेरिका के लिए पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है।
इसके साथ ही ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कड़े प्रतिबंधों की बात की। उन्होंने कहा कि नाटो (NATO) देश समुद्र से माइंस हटाने के लिए अपने जहाज भेजकर अमेरिका की मदद करेंगे। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी देश ईरान को हथियार सप्लाई करेगा, उस पर 50% टैरिफ (भारी टैक्स) लगाया जाएगा।
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