नेता प्रतिपक्ष बोले-भुखमरी की वजह से की पहाड़ी कोरवा परिवार ने खुदकुशी, CM ने कहा- भूख से मौत की बात झूठी

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Leader of the Opposition said - Due to starvation, the Pahadi Korva family committed suicide, CM said - the talk of death by hunger is false

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  • Publish Date - April 8, 2023 / 09:19 PM IST,
    Updated On - April 8, 2023 / 09:25 PM IST

Pahadi Korva family committed suicide: रायपुर। जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक में पहाड़ी कोरवा परिवार के खुदकुशी के मामले की जांच कर लौटे भारतीय जनता पार्टी की जांच टीम के प्रमुख नारायण चंदेल ने कहा कि पहाड़ी कोरवा परिवार ने भुखमरी की वजह से खुदकुशी की है । उन्होंने प्रदेश सरकार से उत्तर प्रदेश के किसानों के बराबर मृतक परिवार को 50 लाख रुपया मुआवजा देने की मांग की । वहीं सीएम बघेल ने पहाड़ी कोरवा आदिवासी परिवार की मौत पर कहा कि उनके यहां अनाज की कोई दिक्कत नहीं थी और उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा था। भाजपा गलत आरोप लगा रही है। भूख से उनकी मौत की खबर झूठी है।

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नारायण चंदेल और रामविचार नेताम ने कहा कि वे इस घटना की जानकारी केंद्र सरकार और राष्ट्रपति को भी देंगे। नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने इस मुद्दे पर आज एक प्रेस कांफ्रेंस में इसके लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया । उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मृतक के घर में एक भी अन्न का दाना नहीं था । क्षेत्र में रोजगार के कोई काम नहीं चल रहा है। ना खाद्यान्न का वितरण हो रहा है ।

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भुखमरी के कारण पहाड़ी कोरवा दंपति ने आत्महत्या की?

Pahadi Korva family committed suicide: उन्होंने आरोप लगाया कि भुखमरी के कारण पहाड़ी कोरवा दंपति ने आत्महत्या की है । गांव वालों से बातचीत में पता चला कि गांव के लोगों को राशन लेने 10 KM दूर जाना पड़ता है। आसपास के 114 गांव में आज तक सड़क नहीं बनी है कोई मूलभूत सुविधा नहीं है।
हमारी जांच टीम ने उस गांव में जाकर बात की लेकिन मुख्यमंत्री ने अब तक कोई सुध नहीं ली है, ये सरकार की संवेदनहीनता को प्रकट करता है ।

चंदेल ने कहा कि हमारी सरकार से मांग है कि मृतक के परिवार को पर्याप्त तत्काल राहत प्रदान करें । पूर्व मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि क्षेत्र में किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं है, मृतकों के घर खाने का एक दाना नहीं था । राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाली विलुप्त होती जाति के लोगों की ये स्थिति चिंता की बात है, ये घटना सरकार की कलई खोलती है । हम इस मामले को लेकर दिल्ली तक जाएंगे भारत सरकार को इसकी जानकारी देंगे ।

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परिवार ने कर ली थी फांसी लगाकर सामूहिक आत्महत्या

बता दें कि पांच दिन पूर्व जशपुर जिले में पहाड़ी कोरवा परिवार ने फांसी लगाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली थी। पति-पत्नी और 2 बच्चों समेत 4 लोगों की लाश फांसी पर लटकी हुई मिली थी। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। बगीचा थाना क्षेत्र के सामरबार झुमराडुमर गांव की घटना है, पहाड़ी कोरवा एक संरक्षित जनजाति है, जिन्हें राष्ट्रपति ने गोद लिया है। मृतकों के नाम राजू राम (35 वर्ष), भिन्सारिन बाई (22 वर्ष), देवंती (3 वर्ष), देवन साय (1 वर्ष) है। पुलिस ने बताया कि चारों ने 1 अप्रैल की रात को आत्महत्या की थी।

रिपोर्ट— राजेश मिश्रा