Nepal Insurance Scam Busted: क्या आपने सुना ‘माउंट एवरेस्ट घोटाले’ के बारें में?.. पर्वतरोहियों को जबरन बीमार कर देते थे फर्जीवाड़े को अंजाम, 32 पर है आरोप

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Nepal Fake Rescue and Insurance Scam Busted: नेपाल में माउंट एवरेस्ट बीमा घोटाला उजागर, पर्यटकों को बीमार कर फर्जी हेलीकॉप्टर रेस्क्यू दिखाकर करोड़ों की ठगी।

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  • Publish Date - April 3, 2026 / 10:23 PM IST,
    Updated On - April 3, 2026 / 10:24 PM IST

Nepal Fake Rescue and Insurance Scam Busted || Image- Everypixel.com file

HIGHLIGHTS
  • पर्यटकों को बीमार कर किया फर्जी रेस्क्यू
  • 32 आरोपी, करोड़ों का बीमा घोटाला
  • एवरेस्ट पर्यटन पर पड़ा बड़ा असर

काठमांडू: पड़ोसी देश नेपाल में एक फर्जी रेस्क्यू रैकेट के पर्दाफाश ने देश के पर्यटन इकोसिस्टम को हिलाकर रख दिया है। इस मामले के सामने आने के बाद पर्वतारोहियों ने अपनी बुकिंग रद्द कर दी है। इतना ही नहीं बल्कि स्थानीय टूर ऑपरेटरों तथा शेरपाओं को यात्रियों और अधिकारियों की तरफ से सख्त जांच का सामना करना पड़ रहा है। (Nepal Fake Rescue and Insurance Scam Busted) दरअसल नेपाल में बड़े बीमा घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। इस फर्जीवाड़े के लिए नेपाल के ट्रेकिंग गाइड और एजेंसियां ​​जान-बूझकर विदेशी पर्यटकों को बीमार कर देती थीं, ताकि बेवजह हेलीकॉप्टर बचाव अभियान शुरू हो और फर्जी बीमा भुगतान हासिल किया जा सके।

32 आरोपी शामिल, 9 गिरफ्तार

जानकारी के मुताबिक़ इस पूरे फर्जीवाड़े को 2022 से 2025 के बीच अंजाम दिया गए और करीब 300 पर्वतारोहियों को जबरन बीमार कर उन्हें हेलीकाप्टर से रेस्क्यू करने और महंगे इलाज के लिए मजबूर किया गया। इस पूरे फर्जीवाड़े के तहत बीमा कंपनियों कोई करीब 165 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया है। जाँच एजेंसियों के मुताबिक़ इस पूरे रैकेट में 32 लोग शामिल है, जिनमें से 9 अरेस्ट कर लिया गया है।

कैसे देते थे फर्जीवाड़े को अंजाम

जाँच में सामने आये तथ्यों के मुताबिक आरोपी गाइड और ट्रेवल एजेंसिया माउंट एवरेस्ट जाने वाले पर्वतारोहियों की जान बूझकर तबियत खराब करके उन्हें रेस्क्यू और इलाज के लिए मजबूर करते थे। आरोपी गाइड, पर्यटकों के भोजन में बेकिंग सोडा मिला देते थे। इससे पर्यटकों को पेट संबंधी समस्या होती थी। फिर उन्हें मौत होने का खतरा दिखाया जाता और रेस्क्यू का एकमात्र रास्ता महंगा हेलीकॉप्टर बताया जाता। (Nepal Fake Rescue and Insurance Scam Busted) इसके बाद बीमार पर्वतारोहियों को हेलीकॉप्टर से काठमांडू के हॉस्पिटलों में लाया जाता। फिर हेलीकॉप्टर रेस्क्यू, इलाज खर्च के नाम पर मोटा बिल बनाकर बीमा कंपनियों से वसूला जाता था।

इस पूरे फर्जीवाड़े की जांच कर रही नेपाल की सीआईबी के मुताबिक़ घोटाले में ट्रैकिंग गाइड, हेलीकॉप्टर कंपनियां और हॉस्पिटल कर्मचारी (कुल 32 लोग) शामिल थे। नेपाल पुलिस के केंद्रीय जांच ब्यूरो (CIB) ने 9 लोगों को गिरफ्तार करके 12 मार्च 2026 को चार्जशीट दाखिल की है।

‘काठमांडू पोस्ट’ ने अपनी रिपोर्ट में CIB के आंकड़ों का हवाला दिया है। इन आंकड़ों के मुताबिक, 2022 से 2025 के बीच जांचकर्ताओं ने उन अस्पतालों में इलाज कराने वाले 4,782 विदेशी मरीजों की पहचान की, जो इस घोटाले में शामिल थे। इनमें से 171 मामलों में यह पुष्टि हुई कि वे नकली बचाव अभियान थे। रिपोर्ट में एक ऐसे मामले का ज़िक्र है, जिसे पुलिस ने दर्ज किया था। इस मामले में चार पर्यटकों को एक ही दिन, एक ही हेलीकॉप्टर से, एक ही उड़ान में बचाया गया था। लेकिन बीमा के दावे कई अलग-अलग बचाव अभियानों के तौर पर पेश किए गए, जिससे बिल $31,100 तक पहुँच गया, और इसके अलावा अस्पताल का एक अलग बिल $11,890 का था।

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Q1. माउंट एवरेस्ट बीमा घोटाला क्या है?

गाइड्स ने पर्यटकों को बीमार कर फर्जी हेलीकॉप्टर रेस्क्यू दिखाकर बीमा कंपनियों से पैसे ठगे।

Q2. इस घोटाले में कितने लोग शामिल हैं?

जांच में कुल 32 लोग शामिल पाए गए, जिनमें से कई को गिरफ्तार किया जा चुका है।

Q3. घोटाले का पर्यटन पर क्या असर पड़ा?

घोटाले के बाद कई पर्यटकों ने बुकिंग रद्द की और नेपाल पर्यटन उद्योग पर असर पड़ा।