Orangutans Spotted in Odisha: पहली बार गांव के पास दिखे 5 अनोखे जानवर, ग्रामीणों में मचा हड़कंप, देखकर वन विभाग के अधिकारी भी रह गए दंग

Orangutans Spotted in Odisha: पहली बार गांव के पास दिखे 5 अनोखे जानवर, ग्रामीणों में मचा हड़कंप, देखकर वन विभाग के अधिकारी भी रह गए दंग

Orangutans Spotted in Odisha: पहली बार गांव के पास दिखे 5 अनोखे जानवर, ग्रामीणों में मचा हड़कंप, देखकर वन विभाग के अधिकारी भी रह गए दंग

Orangutans Spotted in Odisha | Photo Credit: ANI

Modified Date: September 9, 2026 / 12:47 pm IST
Published Date: September 9, 2026 12:44 pm IST
HIGHLIGHTS
  • ओडिशा में पहली बार ओरंगुटान देखे गए
  • 5 ओरंगुटान सुरक्षित पकड़े गए
  • वन विभाग की टीम ने बचाव किया

भुवनेश्वर: Orangutans Spotted in Odisha जब कोई चीज पहली बार सामने आती है, तो उसे देखकर हैरानी होना स्वाभाविक है। ऐसा ही एक मामला ओडिशा से सामने आया है, जहां पहली बार ओरंगुटान को देखा गया। (Odisha Orangutan) गांव के पास के जंगल में दिखने से पूरे ग्रामीण हैरान रह गए और वन अधिकारी हैरान दंग रह गए।

बिचित्रपुर वन क्षेत्र में देखे गए ओरंगुटान

Orangutans Spotted in Odisha मिली जानकारी के अनुसार, मामला बालासोर जिले के एक जंगल की है। जहां पांच ओरंगुटानों को बचाया गया। बताया जा रहा है कि ये ओरंगुटान भोगराई ब्लॉक के बडापाही गांव के पास बिचित्रपुर वन क्षेत्र में देखे गए। जिन ग्रामीणों ने सबसे पहले इन्हें देखा, उन्हें समझ नहीं आया कि वे कौन से जानवर देख रहे हैं और उन्होंने इलाके के दूसरे लोगों को इसकी जानकारी दी।

गांव में चर्चा का माहौल

देखते ही देखते पूरे ग्रामीण वहां इकट्ठा हो गए और गांव में चर्चा का विषय बन गई। जैसे-जैसे और लोग जंगल के पास पहुंचे, कई निवासियों ने अपने मोबाइल फोन पर ओरंगुटानों की तस्वीरें लीं और वीडियो रिकॉर्ड किए। जानकारी मिलने के ​बाद वन अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उदयपुर वन रेंजर संजय मोहंती के नेतृत्व में एक बचाव दल ने सभी पांच ओरंगुटानों को सुरक्षित पकड़ने का काम शुरू किया। यह ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा हुआ और जानवरों को उदयपुर वन कार्यालय ले जाया गया। अधिकारी अब आगे के कदम तय करने से पहले उनके स्वास्थ्य की जांच करेंगे।

ओरंगुटान ओडिशा कैसे पहुंचे?

इन पांच जानवरों के मिलने से वन्यजीव अधिकारियों के मन में सवाल उठ रहे हैं क्योंकि ओरंगुटान भारत के मूल निवासी नहीं हैं। उनका प्राकृतिक आवास मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया तक ही सीमित है, इसलिए ओडिशा के तटीय जंगल में उनका दिखना काफी असामान्य है। अधिकारियों ने यह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है कि ये जानवर कहां से आए और बालासोर कैसे पहुंचे। बालासोर के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (वन्यजीव) प्रतीक प्रकाश इंदलकर ने कहा कि जानवरों की विस्तृत स्वास्थ्य जांच की जाएगी।

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