Outsource Employees Regularization News: यहां आउटसोर्स कर्मचारियों ने शुरू की आर-पार की लड़ाई.. पूरी होंगी नियमितीकरण, समान भुगतान समेत ये मांगे!.. जानें सरकार का जवाब

Ads

हिमाचल प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों ने विधानसभा घेराव कर नौकरी की सुरक्षा, समान वेतन और परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की मांग की।

  •  
  • Publish Date - August 25, 2026 / 06:00 PM IST,
    Updated On - August 25, 2026 / 06:01 PM IST

Outsource Employees Regularization News || Image- ANI News File

HIGHLIGHTS
  • आउटसोर्स कर्मचारियों ने विधानसभा का घेराव किया
  • नौकरी की सुरक्षा और समान वेतन की मांग
  • मृतक कर्मचारियों के परिवारों को नौकरी की मांग

शिमला: हिमाचल प्रदेश ज्वाइंट आउटसोर्स्ड एम्प्लॉइज एसोसिएशन ने मंगलवार को शिमला के चौड़ा मैदान में विधानसभा घेराव प्रदर्शन किया। (Outsource Employees Regularization News) विधानसभा के मानसून सत्र के बीच किए गए इस प्रदर्शन में आउटसोर्स कर्मचारियों ने नौकरी की सुरक्षा, समान काम के लिए समान वेतन और सेवा के दौरान मृत या दिव्यांग हुए कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े

58 वर्ष की उम्र तक नौकरी की सुरक्षा की मांग

एसोसिएशन के संयोजक अश्वनी शर्मा ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी पिछले 15 से 20 वर्षों से हिमाचल सरकार के विभिन्न विभागों में काम कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी नौकरी को लेकर कोई स्थायी सुरक्षा नहीं है। उन्होंने मांग की कि आउटसोर्स कर्मचारियों को 58 वर्ष की उम्र तक नौकरी की सुरक्षा दी जाए।

उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी नियमित कर्मचारियों की तरह ही काम करते हैं, इसलिए उन्हें भी समान काम के लिए समान वेतन मिलना चाहिए। अश्वनी शर्मा के मुताबिक कई कर्मचारियों को वर्तमान में केवल 12 से 13 हजार रुपये महीने मिल रहे हैं, जो महंगाई के दौर में परिवार चलाने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। (Outsource Employees Regularization News) एसोसिएशन ने सेवा के दौरान जान गंवाने या दिव्यांग होने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों के परिवारों को उचित मुआवजा देने और परिवार के एक पात्र सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग उठाई।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे Instagram Page को Follow करें

और भी बड़े आंदोलन की चेतावनी

शर्मा ने बताया कि सरकार के अनुसार राज्य में करीब 27 हजार आउटसोर्स कर्मचारी हैं, जबकि एसोसिएशन का दावा है कि यह संख्या 30 हजार से अधिक है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने के लिए विधानसभा पहुंचे हैं और उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर कर्मचारी निश्चित समयसीमा देकर बड़े स्तर पर सड़कों पर उतरेंगे।

इन्हें भी पढ़ें:

बिहार: छात्रों के पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

उप्र: ईडी ने जीएसटी ‘धोखाधड़ी’ मामले में छापेमारी के बाद तीन करोड़ रुपये से अधिक जब्त किए

टाटा स्टील को झारखंड सरकार के 1,755 करोड़ रुपये के मांग नोटिस पर अंतरिम राहत

महाराष्ट्र के लातूर में सी-सेक्शन प्रसव के बाद महिला की मौत, चिकित्सक के खिलाफ मामला दर्ज

अनुकूल को पांच विकेट, पूर्वोत्तर क्षेत्र को पारी और 210 रन से हराकर पूर्व क्षेत्र सेमीफाइनल में

Q1. आउटसोर्स कर्मचारियों ने क्या मांग की?

कर्मचारियों ने नौकरी की सुरक्षा, समान काम के लिए समान वेतन और आर्थिक सहायता की मांग की।

Q2. आउटसोर्स कर्मचारियों को कितने साल की नौकरी सुरक्षा चाहिए?

एसोसिएशन ने आउटसोर्स कर्मचारियों को 58 वर्ष की उम्र तक नौकरी की सुरक्षा देने की मांग की।

Q3. मांगें पूरी नहीं होने पर क्या होगा?

एसोसिएशन ने मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को बड़े स्तर पर करने की चेतावनी दी है।