Ratlam Love Marriage Order: लव मैरिज की तो मिलेगी पूरे परिवार को सजा! नहीं खरीद पाएंगे दूध-सब्जी सहित कई जरूरी चीजें, यहां जारी हुआ अजब-गजब फरमान

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लव मैरिज की तो मिलेगी पूरे परिवार को सजा! नहीं खरीद पाएंगे दूध-सब्जी सहित कई जरूरी चीजें, Ratlam News: Panchayat Orders Love Marriage

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  • Publish Date - January 26, 2026 / 05:40 PM IST,
    Updated On - January 26, 2026 / 05:40 PM IST

Ratlam Love Marriage Order. Image Source- IBC24

HIGHLIGHTS
  • रतलाम के पंचेवा गांव में प्रेम विवाह करने वालों के परिवारों के सामाजिक बहिष्कार का फरमान
  • सुप्रीम कोर्ट के अनुसार ऐसे फरमान अवैध, प्रेम विवाह पूरी तरह कानूनी
  • गांव में बैठक कर लिया गया फैसला

रतलामः Ratlam Love Marriage Order: आज के आधुनिक युग में प्रेम विवाह का चलन लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन समाज का एक वर्ग अब भी इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं दिख रहा। परंपरागत सोच और जातिगत-सामाजिक बंदिशों के चलते कई जगहों पर प्रेम विवाह करने वाले युवक-युवतियों और उनके परिवारों को सामाजिक प्रतिकार का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के रतलाम से सामने आया है। यहां ग्रामीणों ने प्रेम विवाह करने वालों के परिवारों का सामाजिक बहिष्कार करने का ऐलान किया है।

मिली जानकारी के अनुसार पूरा मामला जिले के पिपलौदा ब्लॉक के गांव पंचेवा का है। यहां के ग्रामीणों ने प्रेम विवाह करने वाले युवक-युवती के परिवार वालों के लिए तुगलकी फरमान जारी किया। मंदिर परिसर में हुई सामूहिक बैठक में ग्रामीणों ने फैसला लिया है कि यदि किसी परिवार का बेटा या बेटी घर से भागकर 1 लव मैरिज करता है, तो उसके माता-पिता और पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। इस फरमान के अनुसार, ऐसे परिवारों को सामाजिक कार्यक्रमों में आमंत्रित नहीं किया जाएगा। उन्हें दूध जैसी दैनिक जरूरत की चीजें भी नहीं मिलेंगी। उन्हें गांव में मजदूरों के रूप में काम करने या किसी से काम करवाने की मनाही होगी। उनका गांव के सभी आर्थिक और सामाजिक लेन-देन से संपर्क काट दिया जाएगा।

बहिष्कार की और भी शर्तें

Ratlam Love Marriage Order: धमकी यहीं नहीं रुकती। इन परिवारों से कोई भी व्यक्ति जमीन पट्टे पर नहीं लेगा। कोई भी उनके घरों में काम नहीं करेगा। जो कोई भी बहिष्कृत परिवार के किसी सदस्य को काम पर रखेगा, उसे भी वही सजा भुगतनी पड़ेगी। यहां तक कि जो ग्रामीण अपनी मर्जी से शादी करने वाले जोड़ों की मदद करेंगे, गवाह बनेंगे या उन्हें पनाह देंगे, उन्हें भी सामाजिक रूप से बहिष्कृत कर दिया जाएगा।

क्या कहता है कानून? (Ratlam Love Marriage Order)

18 साल की युवती और 21 साल का युवक अपनी मर्जी से शादी कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार सामाजिक बहिष्कार और पंचायत के ऐसे फरमान अवैध हैं। इसके साथ ही शीर्ष कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि प्रेम विवाह करने वाले वयस्कों की सुरक्षा संबंधित राज्य की जिम्मेदारी है।

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क्या प्रेम विवाह करना कानूनन अपराध है?

नहीं। 18 वर्ष की महिला और 21 वर्ष का पुरुष अपनी मर्जी से विवाह कर सकते हैं। यह पूरी तरह कानूनी है।

क्या गांव या पंचायत सामाजिक बहिष्कार का आदेश दे सकती है?

नहीं। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार सामाजिक बहिष्कार और इस तरह के पंचायत या ग्रामीण फरमान पूरी तरह अवैध हैं।

सामाजिक बहिष्कार करने वालों पर क्या कार्रवाई हो सकती है?

ऐसे मामलों में संबंधित लोगों पर IPC की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज हो सकता है, क्योंकि यह व्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।

प्रेम विवाह करने वाले जोड़ों की सुरक्षा किसकी जिम्मेदारी है?

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार वयस्क प्रेम विवाह करने वाले जोड़ों की सुरक्षा राज्य और प्रशासन की जिम्मेदारी है।

पीड़ित परिवार कहां शिकायत कर सकता है?

पीड़ित परिवार पुलिस, जिला प्रशासन, महिला आयोग या मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज करा सकता है।