Budget 2026 key announcements, image source: ibc24
नईदिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sithraman) ने लोकसभा में अपना बजट (Union Budget 2026) भाषण पढ़ना शुरू किया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना 9वीं बजट पेश कर रही हैं। संसद में उनका भाषण शुरू हो गया है। आम बजट में वित्त मंत्री ने ऐलान किया है कि देश में 22 नए जलमार्ग बनाए जाएंगे। अगले 5 साल में देश में 5 जलमार्ग बनेंगे। ओडिशा, यूपी में शिपबेस ट्रांसपोर्टेशन पर जोर रहेगा।
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सर्विस सेक्टर को मजबूत करने के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। (Budget 2026 key announcements) उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस सर्विस सेक्टर में रोजगार के नए अवसर पैदा करने और देश के हेल्थ इकोसिस्टम को सशक्त बनाने पर है।
वित्त मंत्री ने बताया कि सर्विस सेक्टर में नौकरियों के सृजन के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया जाएगा। (Budget 2026 key announcements) साथ ही, सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक वैश्विक स्तर पर सर्विस सेक्टर में भारत की हिस्सेदारी को 10 प्रतिशत तक बढ़ाने का है।
सरकार निजी क्षेत्र के सहयोग से देश में 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब विकसित करेगी। इन मेडिकल हब्स में आयुष सेंटर, मेडिकल टूरिज्म और डायग्नोस्टिक सेक्टर को शामिल किया जाएगा। इससे डॉक्टरों, नर्सों और अन्य हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
वित्त मंत्री ने कहा कि कोविड-19 के बाद योग और आयुर्वेद की मांग में तेजी आई है। इस वैश्विक मांग को ध्यान में रखते हुए आयुर्वेद सेक्टर को और मजबूत किया जाएगा।
इसके तहत तीन नए ऑल इंडिया आयुष संस्थान स्थापित किए जाएंगे। आयुष फार्मेसी और ड्रग टेस्टिंग लैब्स को अपग्रेड किया जाएगा। जामनगर स्थित WHO ग्लोबल मेडिकल सेंटर को और विकसित किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इन पहलों से न केवल हेल्थ सेक्टर को मजबूती मिलेगी, बल्कि सर्विस सेक्टर में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
गौरतलब है कि एक फरवरी यानि देश की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाला दिन आज को माना जाता है। क्योंकि आज संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार 9वां केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। इस बजट से जहां टैक्सपेयर्स को राहत की उम्मीद है तो वहीं मिडिल क्लास से लेकर गांव-किसान की नजरें भी सरकार के इस बजट पर टिकी हैं। निवेशक इस बात पर नजर लगाए हैं कि सरकार ग्रोथ और वित्तीय संतुलन के बीच कैसा तालमेल बैठाती है।
आपको बता दें कि यह बजट ऐसे वक्त में आ रहा है जब एक तरफ देश की घरेलू मांग मजबूत बताई जा रही है, तो दूसरी तरफ दुनिया में उथल-पुथल का माहौल है। अमेरिकी टैरिफ नीतियों और भू-राजनीतिक तनावों के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है।
बजट से ठीक पहले संसद में पेश इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ी तस्वीर रखी। वर्किंग-एज आबादी का फायदा मिल रहा है, लेकिन हेल्थ और रोजगार की बड़ी चुनौती भी सामने है। आगामी वित्त वर्ष में 6.8% से 7.2% ग्रोथ का अनुमान है। घरेलू मांग मजबूत हुई है, फिलहाल, हर वर्ग जानना चाहता है कि क्या बजट 2026 में क्या होने वाला है।