America Iran War Update: ‘अमेरिका इन देशों की सुरक्षा पर अरबों डॉलर खर्च करता रहा’, लेकिन जरूरत के समय… इन देशों पर भड़के ट्रंप, बातों ही बातों में भरत पर भी साधा निशाना?

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America Iran War Update: अपने पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका वर्षों से नाटो देशों की सुरक्षा पर अरबों डॉलर खर्च करता रहा है, लेकिन जब जरूरत पड़ती है तो ये देश साथ नहीं आते।

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  • Publish Date - March 18, 2026 / 10:13 AM IST,
    Updated On - March 18, 2026 / 11:28 AM IST

donald trump/ image source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • ट्रंप का नाटो पर बड़ा बयान
  • सहयोगी देशों पर उठाए सवाल
  • सुरक्षा खर्च को लेकर नाराजगी

America Iran War Update: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि नाटो देश इस जंग में अमेरिका का साथ देने के लिए तैयार नहीं हैं। डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सहयोगी देशों के रिश्तों पर भी सवाल उठने लगे हैं।

US Iran conflict news: ट्रंप का नाटो पर बड़ा बयान

अपने पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका वर्षों से नाटो देशों की सुरक्षा पर अरबों डॉलर खर्च करता रहा है, लेकिन जब जरूरत पड़ती है तो ये देश साथ नहीं आते। उन्होंने साफ तौर पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अब अमेरिका को सहयोगी देशों की मदद की जरूरत नहीं है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य ताकत को काफी हद तक खत्म कर दिया है और वह बिना किसी समर्थन के भी स्थिति को संभाल सकता है। उनके इस बयान को अमेरिका की बदलती रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल इस पर नाटो देशों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन बयान ने वैश्विक स्तर पर नई बहस छेड़ दी है।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान पर बड़ा सैन्य हमला किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी United States Central Command ने जानकारी दी है कि इस कार्रवाई के तहत 5000 पाउंड के भारी बम गिराए गए। बताया जा रहा है कि यह हमला रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसके बाद क्षेत्र में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है।

क्या है नाटो ?

NATO (नाटो) एक प्रमुख सैन्य गठबंधन है, जिसमें यूरोप और उत्तरी अमेरिका के कई देश शामिल हैं। इस संगठन में संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, नीदरलैंड, बेल्जियम, पोलैंड, तुर्की, नॉर्वे, ग्रीस और डेनमार्क जैसे देश शामिल हैं। हाल के वर्षों में फिनलैंड और स्वीडन भी इस गठबंधन का हिस्सा बने हैं। नाटो में कुल 30 से अधिक देश शामिल हैं, जो एक-दूसरे की सुरक्षा के लिए मिलकर काम करते हैं। मार्च 2024 में स्वीडन के शामिल होने के बाद से, नाटो (North Atlantic Treaty Organization) में अब कुल 32 सदस्य देश हैं। यह एक सैन्य और राजनीतिक गठबंधन है, जिसका मुख्य उद्देश्य अपने सदस्य देशों की स्वतंत्रता और सुरक्षा की रक्षा करना है। इसके अधिकांश सदस्य यूरोप और उत्तरी अमेरिका से हैं। नाटो देश में भारत नहीं आता।

US Iran attack news: हमला होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के समुद्र तट पर किया गया

जानकारी के अनुसार, यह हमला होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के समुद्र तट पर किया गया। यह इलाका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि यहां से बड़ी संख्या में जहाजों की आवाजाही होती है। अमेरिकी सेना ने खास तौर पर उन मजबूत मिसाइल साइटों को निशाना बनाया, जिन्हें क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा बताया जा रहा था। इन ठिकानों को लेकर लंबे समय से चिंता जताई जा रही थी।

Hormuz Strait attack: इन साइटों पर जहाजों की आवाजाही को खतरा था

अमेरिका का कहना है कि जिन मिसाइल साइटों पर हमला किया गया, वे जहाजों की आवाजाही के लिए खतरा बन रही थीं। ऐसे में इस कार्रवाई को समुद्री सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल ईरान की ओर से इस हमले पर विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई हैं।

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