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America Attacks On Iran: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान पर बड़ा सैन्य हमला किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी United States Central Command ने जानकारी दी है कि इस कार्रवाई के तहत 5000 पाउंड के भारी बम गिराए गए। बताया जा रहा है कि यह हमला रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसके बाद क्षेत्र में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है।
जानकारी के अनुसार, यह हमला होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के समुद्र तट पर किया गया। यह इलाका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि यहां से बड़ी संख्या में जहाजों की आवाजाही होती है। अमेरिकी सेना ने खास तौर पर उन मजबूत मिसाइल साइटों को निशाना बनाया, जिन्हें क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा बताया जा रहा था। इन ठिकानों को लेकर लंबे समय से चिंता जताई जा रही थी।
अमेरिका का कहना है कि जिन मिसाइल साइटों पर हमला किया गया, वे जहाजों की आवाजाही के लिए खतरा बन रही थीं। ऐसे में इस कार्रवाई को समुद्री सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल ईरान की ओर से इस हमले पर विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई हैं।
मध्य पूर्व में जारी अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर अन्य देशों से अपील की। उन्होंने कहा कि इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा केवल एक देश की जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए, बल्कि सभी देशों को मिलकर इसकी रक्षा की जिम्मेदारी उठानी चाहिए। गौर करने वाली बात है कि, अमेरिका और उसके सहयोगी
ट्रंप ने कहा कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अन्य देशों के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते को सुरक्षित रखने के लिए कदम उठाने को तैयार है। उनका मानना है कि अगर इस मार्ग में किसी तरह की बाधा आती है तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।
दरअसल Strait of Hormuz वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम समुद्री मार्ग माना जाता है। इस रास्ते से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल का व्यापार होता है। खाड़ी देशों से निकलने वाला तेल इसी मार्ग के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है। यही वजह है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा को लेकर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं।