(Budget 2026 News/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Union Budget 2026 यूनियन बजट 2026 की तैयारी शुरू हो चुकी है और देश के लाखों टैक्सपेयर्स की नजरें अब इस पर टिकी हुई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को लगातार नौवीं बार देश का आम बजट पेश करेंगी। पिछले कुछ सालों में सरकार ने नई टैक्स व्यवस्था को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया है। लेकिन इस बार पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनने वाले नौकरीपेशा वर्ग के लिए अच्छी खबर आने की उम्मीद है। चर्चा है कि सेक्शन 80C की टैक्स छूट की सीमा बढ़ाई जा सकती है, जिससे लोगों की जेब में ज्यादा पैसा बचेगा।
खबरों के मुताबिक, बजट से पहले अमेरिकन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स इन इंडिया (AMCHAM) ने सरकार से अनुरोध किया है कि टैक्स सेविंग डिडक्शन की सीमा को 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये किया जाए। फिलहाल, सेक्शन 80C के तहत कोई भी करदाता एक वित्तीय वर्ष में केवल 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर ही टैक्स छूट का दावा कर सकता है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो यह नौकरीपेशा मध्यम वर्ग के लिए बड़ा तोहफा साबित होगा।
सेक्शन 80C की 1.5 लाख रुपये की सीमा आखिरी बार 2014 में बढ़ी थी। तब से महंगाई और लोगों की आमदनी बढ़ी है, लेकिन टैक्स छूट की सीमा में कोई बदलाव नहीं हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान टैक्स का बोझ बढ़ा है, लेकिन राहत के उपाय पुराने ही रहे। इसलिए अगर सरकार सीमा को बढ़ा देती है, तो यह करदाताओं के साथ न्याय के बराबर होगा और मिडिल क्लास को इसका सीधा फायदा मिलेगा।
सेक्शन 80C केवल टैक्स बचाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह परिवारों में बचत को भी बढ़ावा देता है। इसके तहत कई निवेश विकल्प आते हैं, जैसे कि पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), म्यूचुअल फंड की टैक्स सेविंग स्कीम (ELSS), लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम, सुकन्या समृद्धि योजना, दो बच्चों की स्कूल ट्यूशन फीस और होम लोन के प्रिंसिपल अमाउंट पर छूट।
जानकारों का कहना है कि अगर 80C की टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दी जाती है, तो लोग लंबी अवधि के निवेश करने के लिए प्रेरित होंगे। इसका फायदा सिर्फ आज के टैक्स बचत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रिटायरमेंट के लिए बड़ा फंड तैयार करने में भी मदद मिलेगी। इस बदलाव से मिडिल क्लास के लिए बजट 2026 वास्तव में खुशियों और राहत का बजट बन सकता है।